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खुंब हर द्वार में मशरूम की विदेशी तकनीकी अपनाने पर जोर
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अंतरराष्ट्रीय मशरूम महोत्सव कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित अतिथि ।
- फोटो : HARIDWAR
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अंतरराष्ट्रीय मशरूम महोत्सव खुंब हर द्वार के दूसरे दिन मशरूम उत्पादन की विदेशी तकनीकियां अपनाने पर जोर रहा। इसके लिए विदेेशों से वर्चुअल प्रगतिशील मशरूम उत्पादक और विशेषज्ञ महोत्सव से जुड़े।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में चल रहे महोत्सव में थाईलैंड में कर्नल्स फार्मस्टे के नाम से मशरूम उत्पादक संस्था एवं होम स्टे संचालित करने वाले कर्नल पैकडी टॉग ने टाइगर मिल्की मशरूम के औषधीय लाभ और उत्पादन की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम की इस प्रजाति की उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। मलेशिया में गुरूसन वैलनेस के नाम से प्रसिद्ध और मशरूम के प्रसंस्कृत उत्पादों का उत्पादन करने एवं होम स्टे का संचालन करने वाली पैगी चंग ने अपनी सफलता की कहानी बताई।
नीदरलैंड के कृषि संयंत्र उत्पादक रॉब वंडर होस्ट की ओर से मशरूम के ऑटोमेटेड उत्पादन तकनीकी पर जानकारी भी लोगों को दी गई। प्रगतिशील मशरूम उत्पादक दिव्या रावत ने मशरूम के पौष्टिक और औषधीय गुणों से अवगत कराया। दूसरे दिन विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने भी महोत्सव में पहुंचकर मशरूम के उत्पादन पर जानकारी हासिल की। इस मौके पर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक डॉ. एचएस बवेजा, डॉ. परमिंद्र कौर बवेजा, डॉ. यशवंत सिंह परमार, डॉ. वीपी शर्मा, डॉ. राकेश शर्मा, निशांत चौहान, डा. बीपी भट्ट, आलोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में चल रहे महोत्सव में थाईलैंड में कर्नल्स फार्मस्टे के नाम से मशरूम उत्पादक संस्था एवं होम स्टे संचालित करने वाले कर्नल पैकडी टॉग ने टाइगर मिल्की मशरूम के औषधीय लाभ और उत्पादन की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम की इस प्रजाति की उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। मलेशिया में गुरूसन वैलनेस के नाम से प्रसिद्ध और मशरूम के प्रसंस्कृत उत्पादों का उत्पादन करने एवं होम स्टे का संचालन करने वाली पैगी चंग ने अपनी सफलता की कहानी बताई।
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नीदरलैंड के कृषि संयंत्र उत्पादक रॉब वंडर होस्ट की ओर से मशरूम के ऑटोमेटेड उत्पादन तकनीकी पर जानकारी भी लोगों को दी गई। प्रगतिशील मशरूम उत्पादक दिव्या रावत ने मशरूम के पौष्टिक और औषधीय गुणों से अवगत कराया। दूसरे दिन विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने भी महोत्सव में पहुंचकर मशरूम के उत्पादन पर जानकारी हासिल की। इस मौके पर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के निदेशक डॉ. एचएस बवेजा, डॉ. परमिंद्र कौर बवेजा, डॉ. यशवंत सिंह परमार, डॉ. वीपी शर्मा, डॉ. राकेश शर्मा, निशांत चौहान, डा. बीपी भट्ट, आलोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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