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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Doctors and patients suffering from work-outs

डाक्टरों के कार्य बहिष्कार से मरीज बेहाल

Tue, 02 Feb 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 02 Feb 2016 12:12 AM IST
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हरिद्वार। डीएपीसी की मांग को लेकर सरकारी अस्पताल के डाक्टरों के दो घंटे के कार्य बहिष्कार से मरीज परेशान हो रहे। सबसे अधिक परेशानी महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ी। सुबह इलाज को पहुंची महिलाओं को दोपहर बाद तक ओपीडी में दिखाने के लिए लंबी लाइन में बैठकर इंतजार करना पड़ा। जिला अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर लेटकर या फर्श पर बैठकर मरीज डाक्टरों के कार्य बहिष्कार समाप्त होने का इंतजार करते रहे। वहीं डाक्टरों का सुबह दो घंटे का ओपीडी कार्य बहिष्कार सात फरवरी तक जारी रहेगा।

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सोमवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर जनपद के सरकारी डाक्टरों ने सुबह दो घंटे ओपीडी का कार्य बहिष्कार किया। जिसमें सुबह नौ बजे से 11 बजे तक का समय शामिल रहा। इसी समय में सबसे अधिक मरीज ओपीडी में दिखाने को आते है। लेकिन सोमवार को सुबह ओपीडी का बहिष्कार कर डाक्टरों के प्रदर्शन पर बैठने से मरीज परेशान हो गए। महिला अस्पताल में इलाज को पहुंची गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान रही। डाक्टरों के ओपीडी में न बैठे होने पर अन्य स्टाफ से दिखाने के लिए गुहार लगाती रही। वहीं महिला अस्पताल की मुख्य डाक्टर भवानी पाल के अवकाश पर होने से मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी। शाम तक मरीजों को लाइन में लगकर अपनी बारी का शाम चार बजे तक इंतजार करना पड़ा। जिला अस्पताल में भी मरीजों को दिखाने के लिए तीन बजे तक डाक्टरों के ओपीडी रूम के बाहर खड़े रहे। ग्राम कांगड़ी निवासी जयपाल, लालढांग से संतो देवी, ज्वालापुर से फरमान आदि ने बताया कि वह सुबह नौ बजे ही पहुंच गए थे, लेकिन डाक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद दोपहर एक बजे नंबर आया।
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धरने पर बैठे डाक्टर
संघ के जनपद सचिव डा. मनोज वर्मा ने बताया कि शासन उनकी मांगों पर कतई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे उनका आंदोलन जारी रहेगा। जिसमें सुबह नौ बजे से 11 बजे तक ओपीडी में डाक्टर मरीजों को नहीं देखेंगे। सात फरवरी तक यह विरोध जारी रहेगा। यदि इसके बावजूद भी शासन ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वह आंदोलन आठ फरवरी को बैठक कर आंदोलन को और उग्र करने को रूपरेखा तैयार की जाएगी। विरोध स्वरूप डाक्टरों ने दो घंटे तक जिला अस्पताल परिसर में बैठकर धरना किया। इस मौके पर डा. मनोज उप्रेती, डा. संदीप निगम, डा. वीपी मौर्या, डा. जेएस चुफाल, डा. एके पालीवाल, डा. सुब्रत अरोड़ा, डा. निष्ठा गुलाटी आदि शामिल हुए।
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केस - 1
नरेंद्र कुमार उम्र 70 वर्ष निवासी ब्रहमपुरी को रविवार की रात में मारवाड़ी धर्मशाला के पास एक बाइक सवार टक्कर मार गया। जिसमें वह घायल हो गए। घायल का इलाज कराने के लिए सुबह को जिला अस्पताल में गए। घायल होने पर उन्हें स्ट्रेचर तो दे दिया गया, लेकिन किसी भी डाक्टर ने देखा नहीं। जिसके चलते हुए वह और उनके परिजन दोपहर एक बजे तक अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे।

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