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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Do not change the situation in the area

नहीं बदले हरकी पैड़ी क्षेत्र के हालात

Sat, 25 Mar 2017 09:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार Updated Sat, 25 Mar 2017 09:50 PM IST
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एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जब हरकी पैड़ी आए थे, तो हालात सुधारने के बड़े कयास लगाए जा रहे थे। मुख्यमंत्री ने हरकी पैड़ी पहुंचकर झाडू लगाने से अपना राजकाज शुरू किया था। बावजूद इसके एक सप्ताह बाद भी कुछ भी बदला हुआ नहीं दिख रहा है।

जहां-तहां गंदगी फैली है और अतिक्रमण भी जस का तस है। अवैध पार्किंग भी यथावत है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम को धत्ता बताते अवैध लंगर गंगाघाटों पर पूर्ववत जारी हैं। खाद्य पदार्थ, बेचने व खाने के लिए प्रतिबंधित मालवीय द्वीप, घंटाघर, नाईघाट तथा सुभाषघाट से गऊघाट तक का पूरा क्षेत्र चाट, पकोड़ी, आइस्क्रीम, चने की दाल, समोसा, पॉलिथीन व प्लास्टिक बेचने वालों के कब्जे में हैं और गंगा में जूठन डालकर प्रदूषित करने का काम जारी है। कांगड़ा घाट के सुलभ शौचालय से भी गंदा पानी नियमित रूप से गंगा में बहाया जा रहा है। गंगा सभा, सेवा समिति एवं भारत स्काउट के अलावा दीन-दुखियों की सेवा के लिए फर्जी संस्थाओं के नाम पर रसीद बुक हाथ में लेकर श्रद्धालुओं से ठगी करने वाला गिरोह भी सक्रिय है।
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के साथ 20 मार्च को हरकी पैड़ी पहुंचकर झाडू लेकर सफाई कर स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया था, परंतु उसके बाद किसी ने भी कुछ नहीं किया और हालात जस के तस बने हुए हैं।       
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मेयर को अब कुछ कर दिखाना होगा       
हरकी पैड़ी क्षेत्र से भाजपा पार्षद कन्हैया खेवड़िया ने क्षेत्र की दुर्दशा के लिए नगर निगम के साथ पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि कार्यकाल के बचे हुए एक साल में मेयर मनोज गर्ग को अब तो कुछ करके दिखाना चाहिए। अब बहानेबाजी की गुंजायश खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में छोटे-बड़े 10 नाले गंगा में जा रहे हैं। पिछले 8 दिन से वह मेयर, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी व सेनेटरी इंस्पेक्टर मनोज कुमार से गंदगी से भरे तथा ओवरफ्लो होकर सड़क तथा गंगा में बह रहे नालों की सफाई कराने के लिए कह रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारी ने आकर देखा भी परंतु किया कुछ नहीं। शुक्रवार को भी जाट धर्मशाला के पास नाला साफ नहीं होने पर जब सड़क पर बहने लगा तो उन्हें खुद लेबर लगाकर सफाई करानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि मेयर को अब अपने को साबित करने के लिए कुछ करके दिखाना होगा।   
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