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Haridwar News: उप प्रधान पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए चुनाव लड़ने का आरोप
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हरिद्वार/ पथरी। पथरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कासमपुर में उपप्रधान पद पर काबिज एक महिला सदस्य पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के ज़रिए चुनाव लड़ने और पद हासिल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार कासमपुर निवासी जमशेद ने कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर 2 से सदस्य पद की प्रत्याशी शाहजादी ने अपने नामांकनपत्र के साथ आठवीं पास का एक स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) संलग्न किया था। यह टीसी उत्तरांचल जूनियर हाई स्कूल धीरवाली, ज्वालापुर का बताया गया था।
शाहजादी सदस्य चुनी गईं और बाद में उपप्रधान पद भी हासिल कर लिया। शिकायतकर्ता जमशेद ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रमाणपत्र की सत्यता पर संदेह हुआ। उन्होंने सूचना का अधिकार के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी से उक्त प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि प्राप्त की। इसके बाद जब उन्होंने उपशिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), बहादराबाद कार्यालय से टीसी का सत्यापन कराया तो चौंकाने वाला जवाब मिला। कार्यालय ने बताया कि संबंधित नाम विद्यालय के किसी भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है जिसका अर्थ है कि पेश किया गया प्रमाणपत्र पूरी तरह से फर्जी पाया गया।
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जमशेद ने आरोप लगाया कि उन्होंने बीते 4 अक्टूबर को पथरी थाने में जाकर मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद महिला सदस्य के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। संवाद
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पुलिस के अनुसार कासमपुर निवासी जमशेद ने कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर 2 से सदस्य पद की प्रत्याशी शाहजादी ने अपने नामांकनपत्र के साथ आठवीं पास का एक स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) संलग्न किया था। यह टीसी उत्तरांचल जूनियर हाई स्कूल धीरवाली, ज्वालापुर का बताया गया था।
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शाहजादी सदस्य चुनी गईं और बाद में उपप्रधान पद भी हासिल कर लिया। शिकायतकर्ता जमशेद ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रमाणपत्र की सत्यता पर संदेह हुआ। उन्होंने सूचना का अधिकार के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी से उक्त प्रमाणपत्र की प्रतिलिपि प्राप्त की। इसके बाद जब उन्होंने उपशिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), बहादराबाद कार्यालय से टीसी का सत्यापन कराया तो चौंकाने वाला जवाब मिला। कार्यालय ने बताया कि संबंधित नाम विद्यालय के किसी भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है जिसका अर्थ है कि पेश किया गया प्रमाणपत्र पूरी तरह से फर्जी पाया गया।
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जमशेद ने आरोप लगाया कि उन्होंने बीते 4 अक्टूबर को पथरी थाने में जाकर मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद महिला सदस्य के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। संवाद