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जेल के सुरक्षा तंत्र पर सवालिया निशान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:54 PM IST
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हरिद्वार। रुड़की में पेट्रोल पंप व्यवसायी से चौथ मांगने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने जो दावे किए उससे एक बार फिर रोशनाबाद स्थित जिला कारागार के सुरक्षा तंत्र पर सवालिया निशान लग गए हैं। पुलिस का दावा है कि रोशनाबाद जेल में बंद अपराधी प्रवीण वाल्मीकि जेल से ही व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर रहा है। सवाल यह है कि आखिर प्रवीण के पास मोबाइल कहां से आया और जेल प्रशासन क्या कर रहा है। हालांकि जेल प्रशासन पुलिस के इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है।
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जेल से आपाधिक गतिविधियां चलाना अपराधियों का पुराना फंडा रहा है। पांच अगस्त 2014 को रुड़की जेल के गेट पर हुई गैंगवार की फायरिंग के समय खुलासा हुआ था कि पूरी साजिश और क्रियान्वयन जेल में ही बंद अपराधियों ने किया था। इसके अलावा पिछले साल रुड़की के सफाई नायक बसंता की हत्या की साजिश बनाए जाने के आरोप भी हरिद्वार की जिला कारागार में बंद प्रवीण वाल्मीकि और उसके एक अन्य साथी पर लगे थे। इससे पहले रुड़की के डिप्टी जेलर की हत्या की साजिश तथा कई व्यापारियों से चौथ वसूलने के आरोप भी जेल में बंद अपराधियों पर ही लगते रहे हैं। वर्ष 2004 में पुलिस ने हरिद्वार रोशनाबाद जेल में ही लक्सर के एक व्यापारी से चौथ वसूलते हुए एक अपराधी को जेल के अंदर ही रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अब एक बार फिर जेल की सलाखें दागदार होती नजर आ रही है। बड़ा सवाल है कि जेल का प्रशासन अगर सख्त है तो प्रवीण वाल्मीकि के पास मोबाइल जेल के अंदर कहां से आया। हालांकि जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने पुलिस के दावों को पूरी तरह नहीं स्वीकारते हुए कहा कि जेल प्रशासन पूरी तरह सख्त है। नियमित रूप से चेकिंग कराई जा रही है। पुलिस ने जो दावा किया है उस बारे में अधिकारियों से वार्ता कर और ज्यादा गंभीरता दिखाई जाएगी।
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बोले अधिकारी
जेल में नियमित रूप से चेकिंग कराई जाती है, लेकिन अगर जेल के अंदर मोबाइल फोन के प्रयोग की बात आई है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। इसकी जांच कराई जाएगी।
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-हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी
जेल में बंद अपराधी द्वारा व्हाट्सएप प्रयोग करने की बात सामने आई है। इस बारे में जेल के अधिकारियों से वार्ता कर सख्ती कराई जाएगी।
-सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, एसएसपी