फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   chowkidar not told truth after physically assault small girl and murder

मासूम के साथ हैवानियत करने के बाद भी रात भर चौकीदार ने नहीं खोली जुबान, पुलिस के सामने साधी चुप्पी

Sun, 28 Apr 2019 12:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Sun, 28 Apr 2019 12:40 PM IST
विज्ञापन
chowkidar not told truth after physically assault small girl and  murder
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मासूम के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश की पुलिस रातभर उसकी तलाश में भागदौड़ करती रही। शक के आधार पर हिरासत में लिए चौकीदार ने भी रातभर की पूछताछ में जुबान नहीं खोली। वह शातिर अपराधी की तरह चुप्पी साधे रहा और पुलिस को छकाता रहा। शनिवार को मासूम का शव मिलने और पुलिस की सख्ती के बाद ही उसने अपना गुनाह कबूला।
विज्ञापन


शुक्रवार को मासूम उस वक्त एकाएक गायब हुई जब उसके माता पिता खेत में गेहूं काट रहे थे और वह दूधिये के आने पर दूध लेने गई थी। चौकीदार का परिवार भी फॉर्म में ही रहता है। उसके परिवार के ही लोगों ने बताया था कि मासूम उसके साथ गई है। चौकीदार के लौटने पर जब बेटी नहीं आई तो पिता ने उससे जानकारी ली।
विज्ञापन


चौकीदार ने मासूम के उसके साथ जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद पिता श्यामपुर पुलिस की शरण में पहुंचा। श्यामपुर पुलिस ने बेटी के कही अपने गांव न चले जाने की बात कही तो पिता फिर मंडावली पुलिस से गुहार लगाने पहुंचा। देर रात में ही मंडावली और श्यामपुर पुलिस सक्रिय हुई हुई। चौकीदार को हिरासत में ले भी लिया लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। चौकीदार ने यूपी पुलिस की अभिरक्षा से फरार होने का प्रयास भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वैैज्ञानिक पद्घति होगा अहम साक्ष्य

दिल दहला देने वाले मासूम हत्याकांड में पुलिस की जांच का मुख्य फोकस वैज्ञानिक पद्धति पर भी है। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराया है। यही नहीं वैजाइनल स्वैप को भी सुरक्षित रखा जाएगा ताकि आरोपी के डीएनए टेस्ट का मिलान कराया जा सके। क्योंकि डीएनए मिलान ही आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए मुख्य हथियार साबित होगा।

दो बच्चों की पहले हो चुकी मौत
बिजनौर के निम्न वर्ग से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार पर पहले भी मुसीबतों का पहाड़ टूट चुका है। दंपति के दो बेटे थे। एक की मौत सांप के काटने से तो दूसरे की मौत निमोनिया बिगड़ने से हुई थी। दंपति का ढाई साल का एक बेटा है।

बाबू जी इस हैवान को मिले फांसी
बाबूजी इस हैवान को फांसी मिलनी चाहिए। तभी मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। रोते बिलखते दंपति की जुबां से यही बोल फूट रहे थे। हरिद्वार कोतवाली परिसर में दंपति बार बार अपनी बेटी का नाम पुकार रहा था। वह अब भी मानने को तैयार नहीं है कि उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed