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दो दिन बाद खुलेगा महिला एसआई की खुदकुशी का राज !
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। महिला एसआई आंचल फरासी की ओर से पिता के नाम छोड़े गए बंद लिफाफे को लेकर रविवार को पुलिस देहरादून उसके घर पहुंचेगी। माना जा रहा कि बंद लिफाफा खुलने पर रविवार को महिला एसआई की खुदकुशी का राज खुल सकता है। इधर, कुमाऊं के एक एसआई से भी खुदकुशी के तार जुड़ रहे हैं। फिलहाल पुलिस अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
15 अगस्त को सुबह बहादराबाद चौकी के ठीक सामने किराये पर रहने वाली महिला एसआई आंचल फरासी का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला था। मूल रूप से देहरादून के गांव गुजराडा राजपुर की रहने वाली एसआई ने तीन सुसाइड नोट छोड़े थे, उनमें अपनी मौत का जिम्मेदार किसी को भी नहीं ठहराया था। लेकिन एक बंद लिफाफा उसने अपने पिता के नाम छोड़ा है। जिसे अभी खोला नहीं गया है। लिफाफा पुलिस के कब्जे में ही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर देहरादून चले गए थे। महिला एसआई की मौत से पुलिस में शोक व्याप्त है। यह सामने आया है कि आंचल ऊधमसिंह नगर में तैनात एक दारोगा के संपर्क में थी। उसने ही 14 अगस्त की शाम को आंचल की ओर से फोन कॉल रिसीव नहीं करने पर हरिद्वार कोतवाली में तैनात अपनी बेचमेट महिला दारोगा से संपर्क साध यह जानकारी दी थी। महिला एसआई ने बहादराबाद पुलिस से संपर्क साधा था, तब पुलिस ने महिला एसआई आंचल से संपर्क किया था। तब वह जिंदा थी, लेकिन अगले दिन उसका शव झूलता हुआ मिला था। थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि रविवार को पुलिस टीम देहरादून जाकर आंचल फरासी के पिता को लिफाफा सौंपेंगी। पिता के लिफाफा खोलने पर ही साफ होगा कि आखिर उसमें क्या लिखा है। माना जा रहा है कि लिफाफा खुलने के बाद महिला दारोगा की मौत का राज भी खुल सकता है।
हरिद्वार। महिला एसआई आंचल फरासी की ओर से पिता के नाम छोड़े गए बंद लिफाफे को लेकर रविवार को पुलिस देहरादून उसके घर पहुंचेगी। माना जा रहा कि बंद लिफाफा खुलने पर रविवार को महिला एसआई की खुदकुशी का राज खुल सकता है। इधर, कुमाऊं के एक एसआई से भी खुदकुशी के तार जुड़ रहे हैं। फिलहाल पुलिस अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
15 अगस्त को सुबह बहादराबाद चौकी के ठीक सामने किराये पर रहने वाली महिला एसआई आंचल फरासी का शव फांसी के फंदे पर झूलता हुआ मिला था। मूल रूप से देहरादून के गांव गुजराडा राजपुर की रहने वाली एसआई ने तीन सुसाइड नोट छोड़े थे, उनमें अपनी मौत का जिम्मेदार किसी को भी नहीं ठहराया था। लेकिन एक बंद लिफाफा उसने अपने पिता के नाम छोड़ा है। जिसे अभी खोला नहीं गया है। लिफाफा पुलिस के कब्जे में ही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर देहरादून चले गए थे। महिला एसआई की मौत से पुलिस में शोक व्याप्त है। यह सामने आया है कि आंचल ऊधमसिंह नगर में तैनात एक दारोगा के संपर्क में थी। उसने ही 14 अगस्त की शाम को आंचल की ओर से फोन कॉल रिसीव नहीं करने पर हरिद्वार कोतवाली में तैनात अपनी बेचमेट महिला दारोगा से संपर्क साध यह जानकारी दी थी। महिला एसआई ने बहादराबाद पुलिस से संपर्क साधा था, तब पुलिस ने महिला एसआई आंचल से संपर्क किया था। तब वह जिंदा थी, लेकिन अगले दिन उसका शव झूलता हुआ मिला था। थानाध्यक्ष मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि रविवार को पुलिस टीम देहरादून जाकर आंचल फरासी के पिता को लिफाफा सौंपेंगी। पिता के लिफाफा खोलने पर ही साफ होगा कि आखिर उसमें क्या लिखा है। माना जा रहा है कि लिफाफा खुलने के बाद महिला दारोगा की मौत का राज भी खुल सकता है।
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