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रामानंद इंस्टीट्यूट के खाते से निकाले 7.50 लाख
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:16 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड टेक्रोलॉजी के बैंक खाते से साढ़े सात लाख की रकम ट्रांसफर कर ली गई। रकम ट्रांसफर होने की जानकारी तब हुई जब कालेज प्रबंधन स्टाफ को वेतन देने की औपचारिकता पूरी करने बैंक पहुंचा। कालेज प्रबंधन ने एक पूर्व कर्मचारी पर धोखाधड़ी का संदेह जताया है। बैंककर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
हरिद्वार- दिल्ली हाईवे पर स्थित रामानंद इंस्टीट्यूट में पंजाब नेशनल बैंक के खाते से तनख्वाह दी जाती है। संस्थान के चेयरमैन रामानंद पुरी और वाइस चेयरमैन रविंद्र पुरी के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते से रकम निकाली जा सकती है, लेकिन केवल महंत रामानंद पुरी के हस्ताक्षर वाले चेक से ही आधारशिला कंस्ट्रक्शन कंपनी के बैंक खाते में साढ़े सात लाख की रकम ट्रांसफर कर दी गई। वाइस चेयरमैन रविंद्र पुरी के मुताबिक चेयरमैन रामानंद पुरी चार महीने से बाहर है, ऐसे में उनके सिंगल हस्ताक्षर से रकम ट्रांसफर होना सवाल खड़े करता है। बताया कि बैंक प्रबंधन भी ठोस जवाब नहीं दे पा रहा है। कालेज प्रबंधन ने किसी कंस्ट्रक्शन कंपनी को इतनी बड़ी रकम का चेक नहीं दिया है। इस सीरीज की चेकबुक भी कालेज प्रबंधन को अलाट नहीं हुई है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत की गई है। एसएसआई संजीव थपलियाल ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं।
चेक में साफ दिखाई दे रही गड़बड़ी
दिसंबर माह में जारी हुए चेक को देखकर ही पता लग रहा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ है। जब संयुक्त हस्ताक्षर से रकम निकलती है तब एकल हस्ताक्षर वाले चेक को पास क्यों कर दिया गया। यही नहीं एक चेक पर तीन अलग- अलग पेन का इस्तेमाल हुआ है। रकम छह फरवरी को निकाली गई है, आखिर इतने दिन बाद चेक क्यों लगाया गया।
हरिद्वार।
रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड टेक्रोलॉजी के बैंक खाते से साढ़े सात लाख की रकम ट्रांसफर कर ली गई। रकम ट्रांसफर होने की जानकारी तब हुई जब कालेज प्रबंधन स्टाफ को वेतन देने की औपचारिकता पूरी करने बैंक पहुंचा। कालेज प्रबंधन ने एक पूर्व कर्मचारी पर धोखाधड़ी का संदेह जताया है। बैंककर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
हरिद्वार- दिल्ली हाईवे पर स्थित रामानंद इंस्टीट्यूट में पंजाब नेशनल बैंक के खाते से तनख्वाह दी जाती है। संस्थान के चेयरमैन रामानंद पुरी और वाइस चेयरमैन रविंद्र पुरी के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते से रकम निकाली जा सकती है, लेकिन केवल महंत रामानंद पुरी के हस्ताक्षर वाले चेक से ही आधारशिला कंस्ट्रक्शन कंपनी के बैंक खाते में साढ़े सात लाख की रकम ट्रांसफर कर दी गई। वाइस चेयरमैन रविंद्र पुरी के मुताबिक चेयरमैन रामानंद पुरी चार महीने से बाहर है, ऐसे में उनके सिंगल हस्ताक्षर से रकम ट्रांसफर होना सवाल खड़े करता है। बताया कि बैंक प्रबंधन भी ठोस जवाब नहीं दे पा रहा है। कालेज प्रबंधन ने किसी कंस्ट्रक्शन कंपनी को इतनी बड़ी रकम का चेक नहीं दिया है। इस सीरीज की चेकबुक भी कालेज प्रबंधन को अलाट नहीं हुई है। इस संबंध में पुलिस को शिकायत की गई है। एसएसआई संजीव थपलियाल ने बताया कि मामले की जांच कर रहे हैं।
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चेक में साफ दिखाई दे रही गड़बड़ी
दिसंबर माह में जारी हुए चेक को देखकर ही पता लग रहा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ है। जब संयुक्त हस्ताक्षर से रकम निकलती है तब एकल हस्ताक्षर वाले चेक को पास क्यों कर दिया गया। यही नहीं एक चेक पर तीन अलग- अलग पेन का इस्तेमाल हुआ है। रकम छह फरवरी को निकाली गई है, आखिर इतने दिन बाद चेक क्यों लगाया गया।
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