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आढ़ती की हत्या की योजना में चार गिरफ्तार
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पथरी। आढ़ती इसरार की हत्या को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और दो शूटरों समेत एक बिचौलिए को गिरफ्तार कर पूरी योजना का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने शूटरों के कब्जे से दो देसी तमंचे और एक कारतूस बरामद किया है।
पुलिस ने बताया कि गांव बहादरपुर जट के रहने वाले आढ़ती शकील पुत्र रसीद की गांव के ही इसरार पुत्र तकी और मांगा उर्फ इकराम पुत्र शौक निवासी मखयाली कलां लक्सर से साठ हजार की रकम को लेकर रंजिश चली आ रही थी। रंजिश इतनी बढ़ गई थी कि इसरार और मांगा ने आढ़ती की हत्या कराने की ठान ली थी। पेशे से आढ़ती रहे मांगा ने अपने ही गांव के याकूब पुत्र यासीन से संपर्क साधकर हत्याकांड का ताना बाना बुना। बिचौलिए याकूब ने मोनू पुत्र यशपाल निवासी गुरुकुल नारसन मंगलौर और सुशील पुत्र सत्ता निवासी गांव ठोई मंगलौर से संपर्क साधकर आढ़ती शकील की हत्या की सुपारी दे दी। डेढ़ लाख में सुपारी तय हुई और पच्चीस हजार की रकम याकूब ने एडवांस भी ले ली।
थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह मान ने बताया कि आढ़ती की ओर से मुकदमा दर्ज करने के बाद जब मांगा को गिरफ्तार किया तब उसने पूरी कहानी उगल दी थी। उसी के आधार पर ही शूटरों और बिचौलिए की गिरफ्तारी हो सकी। उन्होंने बताया कि दूसरे मुख्य साजिशकर्ता इसरार की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। एक शूटर मोनू पूर्व में भी चोरी के केस में जेल जा चुका है। दोनों ही शूटरों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बिचौलिया याकूब पथरी रेलवे स्टेशन से सीमेंट की गाड़ी से चोरी होने वाले सीमेंट के खेल में भी बिचौलिए की भूमिका अदा करता रहा है और पेशे से ठेकेदार सुशील से उसकी सीमेंट बेचने के दौरान ही जान पहचान हुई थी। बताया कि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस छापे मार रही है।
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पुलिस ने बताया कि गांव बहादरपुर जट के रहने वाले आढ़ती शकील पुत्र रसीद की गांव के ही इसरार पुत्र तकी और मांगा उर्फ इकराम पुत्र शौक निवासी मखयाली कलां लक्सर से साठ हजार की रकम को लेकर रंजिश चली आ रही थी। रंजिश इतनी बढ़ गई थी कि इसरार और मांगा ने आढ़ती की हत्या कराने की ठान ली थी। पेशे से आढ़ती रहे मांगा ने अपने ही गांव के याकूब पुत्र यासीन से संपर्क साधकर हत्याकांड का ताना बाना बुना। बिचौलिए याकूब ने मोनू पुत्र यशपाल निवासी गुरुकुल नारसन मंगलौर और सुशील पुत्र सत्ता निवासी गांव ठोई मंगलौर से संपर्क साधकर आढ़ती शकील की हत्या की सुपारी दे दी। डेढ़ लाख में सुपारी तय हुई और पच्चीस हजार की रकम याकूब ने एडवांस भी ले ली।
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थानाध्यक्ष सुखपाल सिंह मान ने बताया कि आढ़ती की ओर से मुकदमा दर्ज करने के बाद जब मांगा को गिरफ्तार किया तब उसने पूरी कहानी उगल दी थी। उसी के आधार पर ही शूटरों और बिचौलिए की गिरफ्तारी हो सकी। उन्होंने बताया कि दूसरे मुख्य साजिशकर्ता इसरार की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। एक शूटर मोनू पूर्व में भी चोरी के केस में जेल जा चुका है। दोनों ही शूटरों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बिचौलिया याकूब पथरी रेलवे स्टेशन से सीमेंट की गाड़ी से चोरी होने वाले सीमेंट के खेल में भी बिचौलिए की भूमिका अदा करता रहा है और पेशे से ठेकेदार सुशील से उसकी सीमेंट बेचने के दौरान ही जान पहचान हुई थी। बताया कि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस छापे मार रही है।
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