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सीओ ने दर्ज किए नैनीताल की किशोरी के बयान
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:48 PM IST
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हरिद्वार। नैनीताल की किशोरी का दास के तौर पर इस्तेमाल करने के मामले में दर्ज हुए मुकदमे की पुलिस जांच में तेज कर दी है। जांच अधिकारी सीओ कनखल मनोज कात्याल ने किशोरी समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए है। हालांकि, महिला जज से जुड़ा मामला होने के चलते पुलिस अफसर सीधे सीधे कुछ भी बोलने से बच रहे है।
नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की अगुवाई में एक टीम ने रोशनाबाद में जजेज कालोनी में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) दीपाली शर्मा के घर छापा मारकर नैनीताल की एक किशोरी को मुक्त कराया था। हाईकोर्ट को मिले गुमनाम पत्र के बाद यह कार्रवाई की गई थी। जिला अस्पताल में जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान की मौजूदगी में हुए किशोरी के मेडिकल परीक्षण में कई पुरानी ताजी चोटें होने की बात सामने आई थी। पुलिस टीम ने किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया था। तब से किशोरी एक अनाथलय में है। बीते सोमवार को हाईकोर्ट के आदेश पर एएसपी सीओ सदर रचिता जुयाल की तरफ से सिविल जज दीपाली शर्मा के खिलाफ किशोरी का दास के तौर पर इस्तेमाल करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने हाईप्रोफाइल मुकदमे की जांच सीओ कनखल मनोज कात्याल को सौंपी थी। सीओ ने जांच को आगे बढ़ाते हुए किशोरी और जज के यहां कार्यरत कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए है। सीओ ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की अगुवाई में एक टीम ने रोशनाबाद में जजेज कालोनी में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) दीपाली शर्मा के घर छापा मारकर नैनीताल की एक किशोरी को मुक्त कराया था। हाईकोर्ट को मिले गुमनाम पत्र के बाद यह कार्रवाई की गई थी। जिला अस्पताल में जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान की मौजूदगी में हुए किशोरी के मेडिकल परीक्षण में कई पुरानी ताजी चोटें होने की बात सामने आई थी। पुलिस टीम ने किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया था। तब से किशोरी एक अनाथलय में है। बीते सोमवार को हाईकोर्ट के आदेश पर एएसपी सीओ सदर रचिता जुयाल की तरफ से सिविल जज दीपाली शर्मा के खिलाफ किशोरी का दास के तौर पर इस्तेमाल करने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने हाईप्रोफाइल मुकदमे की जांच सीओ कनखल मनोज कात्याल को सौंपी थी। सीओ ने जांच को आगे बढ़ाते हुए किशोरी और जज के यहां कार्यरत कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए है। सीओ ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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