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काली मंदिर में हुई चोरी का खुलासा, एक दबोचा
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हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के प्राचीन काली मंदिर से चोरी हुए चांदी के आभूषणों को रोड़ीबेलवाला में चाय की ठेली लगाने वाले युवक ने खरीदा था। हरकी पैड़ी चौकी पुलिस ने वारदात से पर्दा उठाते हुए चोरी के आभूषण खरीदने के आरोपी चाय विक्रेता को दबोचा है जबकि चोरी को अंजाम देने वाले नेपाली मूल के दो युवक गिरफ्त में नहीं आ सके हैं। एसएसपी ने चोरी का खुलासा करने पर हरकी पैड़ी चौकी पुलिस की पीठ थपथपाई है।
पिछले माह भीमगोडा में रेलवे लाइन के ठीक ऊपर बने प्राचीन काली मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। मंदिर से चांदी के छोटे बड़े छात्र एवं दानपात्र से नकदी चोरी कर ली गई थी। सोमवार की शाम चौकी प्रभारी अजय शाह को सूचना मिली की चोरी किए गए आभूषण को एक युवक बेचने जा रहा है। पुलिस टीम ने आनंदवन समाधि के पास जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया जिसके कब्जे से चोरी किए गए छत्र बरामद हुए। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक उर्फ बंटी पुत्र सुरेश निवासी जग्गू घाट लाल मंदिर ज्वालापुर बताया। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी युवक रोड़ीबेलवाला मैदान में चाय की ठेली लगाता है और गंगा में धातु ढूंढने वाले युवकों से गंगा से मिला धातु खरीदता है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि नेपाली मूल के दो युवकों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों युवकों ने पांच हजार रुपये लेकर छत्रों को गिरवी रखा था। पुलिस ने बताया कि नेपाली मूल के युवकों की तलाश कर रहे है। पुलिस टीम में दीपक चौधरी, मुकेश डिमरी, विजयपाल शामिल रहे।
यूं हुआ घटना का खुलासा
हरिद्वार। दरअसल पूरे मामले का खुलासा यूं हुआ। पिछले माह ही चोरों ने सामान को अपना बताकर गिरवी रख दिया था और एक सप्ताह में सामान को छुड़वा लेने का भरोसा दिलाया था। कई दिन गुजरने के बाद जब युवक सामान लेने वापस नहीं पहुंचे तब चाय विक्रेता ने सामान को बेचने की ठान ली। उसने कुछ सुनारों से पुराने छत्र बेचने के लिए संपर्क साधा, उन्हीं सुनारों में से किसी एक सुनार ने पुलिस को सूचना दी।
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पिछले माह भीमगोडा में रेलवे लाइन के ठीक ऊपर बने प्राचीन काली मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। मंदिर से चांदी के छोटे बड़े छात्र एवं दानपात्र से नकदी चोरी कर ली गई थी। सोमवार की शाम चौकी प्रभारी अजय शाह को सूचना मिली की चोरी किए गए आभूषण को एक युवक बेचने जा रहा है। पुलिस टीम ने आनंदवन समाधि के पास जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया जिसके कब्जे से चोरी किए गए छत्र बरामद हुए। कोतवाली लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक उर्फ बंटी पुत्र सुरेश निवासी जग्गू घाट लाल मंदिर ज्वालापुर बताया। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी युवक रोड़ीबेलवाला मैदान में चाय की ठेली लगाता है और गंगा में धातु ढूंढने वाले युवकों से गंगा से मिला धातु खरीदता है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि नेपाली मूल के दो युवकों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों युवकों ने पांच हजार रुपये लेकर छत्रों को गिरवी रखा था। पुलिस ने बताया कि नेपाली मूल के युवकों की तलाश कर रहे है। पुलिस टीम में दीपक चौधरी, मुकेश डिमरी, विजयपाल शामिल रहे।
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यूं हुआ घटना का खुलासा
हरिद्वार। दरअसल पूरे मामले का खुलासा यूं हुआ। पिछले माह ही चोरों ने सामान को अपना बताकर गिरवी रख दिया था और एक सप्ताह में सामान को छुड़वा लेने का भरोसा दिलाया था। कई दिन गुजरने के बाद जब युवक सामान लेने वापस नहीं पहुंचे तब चाय विक्रेता ने सामान को बेचने की ठान ली। उसने कुछ सुनारों से पुराने छत्र बेचने के लिए संपर्क साधा, उन्हीं सुनारों में से किसी एक सुनार ने पुलिस को सूचना दी।
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