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एसटीसी से पानी निकासी को बन रहे नाले निर्माण में घटिया सामग्री

Fri, 06 Jul 2018 11:52 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:52 PM IST
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एसटीसी से पानी निकासी को बन रहे नाले निर्माण में घटिया सामग्री

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पथरी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने फेरूपुर रामखेड़ा के ग्राम प्रधान मोहल्लड़ सिंह राणा व ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार पिंगल के खिलाफ विकास कार्यों के फ र्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन हड़पने का मुकदमा दर्ज किया है।
उपप्रधान गिरवर सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी थी। मांगी की सूचना से साफ हो गया था कि विकास कार्यों के फर्जी दस्तावेज करके सरकारी धन हड़प लिया गया। इस पर उप प्रधान गिरवर सिंह ने थाना पथरी व एसएसपी को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान मोहल्लड सिंह राणा व ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार पिंगल पर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होने पर गिरवर सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिसपर पुलिस ने ग्राम प्रधान मोहल्लड सिंह राणा व ग्राम विकास अधिकारी रमेश कुमार पिंगल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसआई प्रकाश राणा का कहना है कि वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नाले निर्माण सामग्री की हो जांच
पथरी। ग्रामीणों ने सीएम व डीएम को शिकायती पत्र भेजकर नाले के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र में अवगत कराया गया है कि जगजीतपुर से लेकर रानीमाजरा तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तहत पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण कार्य किया जा रहा है। नाले के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग व गंगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सौंपी गई है। नाला निर्माण कार्य में करीब 24करोड़ रुपये खर्च होने है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर खुलेआम घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है। पत्र लिखने वालों में रानीमाजरा के ग्राम प्रधान चंद्रशेखर सैनी, पूर्व प्रधान सुशील सैनी, सतीश कुमार, सुरेंद्र सिंह, देशराम सैनी आदि लोग शामिल है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुंदर लाल कुड़ियाल का कहना है कि मौके पर जाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
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