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प्रदीप हत्याकांड में नहीं मिला ठोस सुराग
Updated Thu, 24 May 2018 11:44 PM IST
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हरिद्वार।
बिहार के युवक प्रदीप के कत्ल की तहकीकात में जुटी सिडकुल पुलिस को ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने नहीं आया है कि आखिर मृतक किसी औद्योगिक इकाई में कार्यरत था। न ही उसका मोबाइल फोन नंबर पुलिस को मिल सका है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस कई पहलुओं पर जांच में जुटी है।
मंगलवार की शाम गांव रोशनाबाद में एक युवक का शव उसी के ही कमरे में मिला था। मृतक की पहचान प्रदीप कुमार (35) पुत्र गंगा राम निवासी गांव बरमा बरौली मनाराही पश्चिम चंपारण बिहार के रूप में हुई थी। शव पूरी तरह से फूल चुका था और सिर के पिछले हिस्से में चोट का निशान पाया गया था। मृतक को रविवार को आखिरी बार देखा गया था। हैरान करने वाली बात ये रही थी कि केवल दरवाजे पर कुंडी लगी हुई थी और किसी ने यह जानने की भी कोशिश नहीं की थी कि आखिर कुंडी क्यों लगी हुई है। जब कमरे से बदबू उठी तब शव कमरे में होने की बात पता चल सकी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि मृतक अकेले ही रहता था। वह किस औद्योगिक इकाई में कार्यरत था, यह भी तस्दीक नहीं हो सका है। न ही यह पता चल सका है कि उसका मोबाइल फोन नंबर क्या था। एसओ कमल मोहन भंडारी ने बताया कि कई पहलुओं पर जांच कर रहे है। परिजन भी यहां पहुंच रहे है।
बिहार के युवक प्रदीप के कत्ल की तहकीकात में जुटी सिडकुल पुलिस को ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने नहीं आया है कि आखिर मृतक किसी औद्योगिक इकाई में कार्यरत था। न ही उसका मोबाइल फोन नंबर पुलिस को मिल सका है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस कई पहलुओं पर जांच में जुटी है।
मंगलवार की शाम गांव रोशनाबाद में एक युवक का शव उसी के ही कमरे में मिला था। मृतक की पहचान प्रदीप कुमार (35) पुत्र गंगा राम निवासी गांव बरमा बरौली मनाराही पश्चिम चंपारण बिहार के रूप में हुई थी। शव पूरी तरह से फूल चुका था और सिर के पिछले हिस्से में चोट का निशान पाया गया था। मृतक को रविवार को आखिरी बार देखा गया था। हैरान करने वाली बात ये रही थी कि केवल दरवाजे पर कुंडी लगी हुई थी और किसी ने यह जानने की भी कोशिश नहीं की थी कि आखिर कुंडी क्यों लगी हुई है। जब कमरे से बदबू उठी तब शव कमरे में होने की बात पता चल सकी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि मृतक अकेले ही रहता था। वह किस औद्योगिक इकाई में कार्यरत था, यह भी तस्दीक नहीं हो सका है। न ही यह पता चल सका है कि उसका मोबाइल फोन नंबर क्या था। एसओ कमल मोहन भंडारी ने बताया कि कई पहलुओं पर जांच कर रहे है। परिजन भी यहां पहुंच रहे है।
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