{"_id":"63446231b804fc455e4de51c","slug":"cm-dhami-is-strong-only-on-paper-mahara-haridwar-news-drn4251929123","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम धामी सिर्फ कागजों में धाकड़: माहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम धामी सिर्फ कागजों में धाकड़: माहरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिर्फ कागजों में धाकड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने हरिद्वार पंचायत चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है। उन्होंने पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग की। सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर (सत्याग्रह) कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। यदि उन्हें जल्द से जल्द वापस नहीं किया गया तो प्रदेश कांग्रेस आंदोलन करेगी। जिसमें मुख्यमंत्री का घेराव करने का काम भी कांग्रेस के कार्यकर्ता करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा की सरकार पूरे देश में लोकतंत्र को मिटाना चाहती है। सरकार पंचायतों को कमजोर करना चाहती है। जिसका जीता जागता उदाहरण हरिद्वार पंचायत चुनाव हैं। पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन और विधायक वीरेंद्र जाति ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा सरकारी संस्थानों, देश के संविधान, देश की सरकारी संस्थाओं को बचाने के लिए हो रही है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर यदि राजनीतिक दबाव में झूठे मुकदमे दर्ज करने की कोशिश गई की तो ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।
विज्ञापन
विधायक अनुपमा रावत और फुरकान अहमद ने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर कार्यकर्ताओं में भय का माहौल व्याप्त करना चाहती है। विधायक ममता राकेश ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने धनबल और बाहुबल का प्रयोग कर लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत, अमन गर्ग, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, मुरली मनोहर, पार्षद इसरार सलमानी, राजीव भार्गव, कैलाश भट्ट, सोम त्यागी, वरुण बालियान, इरफान अंसारी, अंकित चौहान, शहाबुद्दीन अंसारी, रियाज अहमद, उदयवीर सिंह चौहान, राजवीर चौहान आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस के एक गुट ने बनाई सत्याग्रह से दूरी
पंचायत चुनाव में करारी हार के बाद भी कांग्रेस के सत्याग्रह आंदोलन के दौरान एक गुट के लोग पूरी तरह से गायब रहे। कांग्रेस मेयर अनीता शर्मा और महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल और ब्लॉक अध्यक्ष धरने में शामिल नहीं हुए। बताया जाता है कि सत्याग्रह के बैनरों और पोस्टर पर मेयर का फोटो न लगाने पर वह नाराज थीं। इस नाराजगी का पता चलने पर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उन्हें फोन कर धरने पर बुलाने का प्रयास भी किया, मगर वह नहीं मानी। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों को भी धरने की विधिवत सूचना नहीं दी गई। जिससे उन्होंने भी धरने से दूरी बनाकर रखी। पूर्व दायित्वधारी संजय पालीवाल भी नहीं पहुंचे। उधर, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि वह चार दिन से बुखार से पीड़ित हैं। इसलिए वह धरने पर शामिल नहीं हो सके।
विज्ञापन
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर (सत्याग्रह) कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए हैं। यदि उन्हें जल्द से जल्द वापस नहीं किया गया तो प्रदेश कांग्रेस आंदोलन करेगी। जिसमें मुख्यमंत्री का घेराव करने का काम भी कांग्रेस के कार्यकर्ता करेंगे।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा की सरकार पूरे देश में लोकतंत्र को मिटाना चाहती है। सरकार पंचायतों को कमजोर करना चाहती है। जिसका जीता जागता उदाहरण हरिद्वार पंचायत चुनाव हैं। पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन और विधायक वीरेंद्र जाति ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा सरकारी संस्थानों, देश के संविधान, देश की सरकारी संस्थाओं को बचाने के लिए हो रही है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर यदि राजनीतिक दबाव में झूठे मुकदमे दर्ज करने की कोशिश गई की तो ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।
विज्ञापन
विधायक अनुपमा रावत और फुरकान अहमद ने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर कार्यकर्ताओं में भय का माहौल व्याप्त करना चाहती है। विधायक ममता राकेश ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने धनबल और बाहुबल का प्रयोग कर लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत, अमन गर्ग, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, मुरली मनोहर, पार्षद इसरार सलमानी, राजीव भार्गव, कैलाश भट्ट, सोम त्यागी, वरुण बालियान, इरफान अंसारी, अंकित चौहान, शहाबुद्दीन अंसारी, रियाज अहमद, उदयवीर सिंह चौहान, राजवीर चौहान आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस के एक गुट ने बनाई सत्याग्रह से दूरी
पंचायत चुनाव में करारी हार के बाद भी कांग्रेस के सत्याग्रह आंदोलन के दौरान एक गुट के लोग पूरी तरह से गायब रहे। कांग्रेस मेयर अनीता शर्मा और महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल और ब्लॉक अध्यक्ष धरने में शामिल नहीं हुए। बताया जाता है कि सत्याग्रह के बैनरों और पोस्टर पर मेयर का फोटो न लगाने पर वह नाराज थीं। इस नाराजगी का पता चलने पर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने उन्हें फोन कर धरने पर बुलाने का प्रयास भी किया, मगर वह नहीं मानी। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों को भी धरने की विधिवत सूचना नहीं दी गई। जिससे उन्होंने भी धरने से दूरी बनाकर रखी। पूर्व दायित्वधारी संजय पालीवाल भी नहीं पहुंचे। उधर, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि वह चार दिन से बुखार से पीड़ित हैं। इसलिए वह धरने पर शामिल नहीं हो सके।