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सावधान: शहर में पनप चुका है डेंगू का लार्वा
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कनखल में लार्वा ढूंढ कर नष्ट करते सीएमओ और जिला मलेरिया अधिकारी।
- फोटो : HARIDWAR
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सावधान: शहर में डेंगू का लार्वा दस्तक दे चुका है। मरीजों के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। दो मरीजों के मामले आने के बाद सीएमओ के साथ जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों ने कनखल में अभियान चलाया तो घर-घर में डेंगू का लार्वा मिला। जिसे नष्ट कराया गया, लेकिन पॉश कालोनी में डेंगू का लार्वा पनपे हुए मिलने से शहरवासियों में जागरूकता का अभाव सामने आया है।
हरिद्वार शहर में डेंगू के दो मरीजों के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। सोमवार को सीएमओ डॉ. शंभू झा और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरुनाम सिंह के नेतृत्व में कनखल में लार्वा ढूंढने का अभियान चलाया गया। अभियान के तहत कनखल में प्रत्येक तीसरे घर में लार्वा मिला। इस दौरान खुले में रखे बर्तनों, गमलों में लार्वा मिला। कई घरों में फ्रीज की ट्रे में भी लार्वा मिला। ये हालात तब है जब सन 2013 से शहर में लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता रहा है। सीएमओ डॉ. शंभू झा ने बताया कि शहर में करीब चार से पांच महीने डेंगू का प्रकोप झेलना पड़ता है, लेकिन यदि लोग स्वत ही जागरूक हो जाए तो डेंगू से बचा जा सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि शहर में कपड़े धोने की मशीन, कूलर, फ्रीज, एसी में लार्वा पनपते हुए मिला, जिसे नष्ट कराया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरुनाम सिंह ने बताया कि सन 2013 से प्रत्येक जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर महीने में डेंगू के मरीज आने पर लोगों को प्रचार के समस्त माध्यमों से जागरूक किया जाता है।
जिला अस्पताल में बनाया आइसोलेशन वार्ड
डेंगू से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य महकमे ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में 6 बेड का आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा जांच किट एवं मरीजों के लिए दवा आदि की पूरी तैयारी है।
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डेंगू से बचाव के लिए यह करें
अपने मकान के आसपास पानी जमा न होने दे।
गमले, कूलर-फ्रीज व बर्तनों का पानी बदलते रहे।
पानी जमा होने वाले स्थानों पर पेट्रोल व कैरोसिन डाले।
गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दे व नाली बहती रहे।
पूरी आस्तीन के कपड़े, जूते और मौजें पहनकर रखे।
रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मकान के गेट व खिड़कियों पर महीन जाली लगाकर मच्छर न आने दे।
आर्गेनोफास्फेट या पाइरेथाइराड इंसेक्टेसाइड का छिड़काव करें।
संभावना होने पर सिर्फ पैरासिटामोल ही ले एवं चिकित्सक के पास जाए।
डेंगू के लक्षण
शरीर के जोड़ों में एवं माथे में तेज दर्द।
ठंड के साथ तेज बुखार चढ़ना।
सिर मासपेशियों तथा जोड़ों में तेज दर्ज।
अत्यधिक कमजोरी व भूख कम लगना।
शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर कम होना और जी मिचलाना।
मुंह का स्वाद खराब होना।
गले में दर्द व जुकाम लग जाना।
चेहरे, गर्दन व छाती में दाने व चकते पड़ना।
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हरिद्वार शहर में डेंगू के दो मरीजों के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। सोमवार को सीएमओ डॉ. शंभू झा और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरुनाम सिंह के नेतृत्व में कनखल में लार्वा ढूंढने का अभियान चलाया गया। अभियान के तहत कनखल में प्रत्येक तीसरे घर में लार्वा मिला। इस दौरान खुले में रखे बर्तनों, गमलों में लार्वा मिला। कई घरों में फ्रीज की ट्रे में भी लार्वा मिला। ये हालात तब है जब सन 2013 से शहर में लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता रहा है। सीएमओ डॉ. शंभू झा ने बताया कि शहर में करीब चार से पांच महीने डेंगू का प्रकोप झेलना पड़ता है, लेकिन यदि लोग स्वत ही जागरूक हो जाए तो डेंगू से बचा जा सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि शहर में कपड़े धोने की मशीन, कूलर, फ्रीज, एसी में लार्वा पनपते हुए मिला, जिसे नष्ट कराया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरुनाम सिंह ने बताया कि सन 2013 से प्रत्येक जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर महीने में डेंगू के मरीज आने पर लोगों को प्रचार के समस्त माध्यमों से जागरूक किया जाता है।
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जिला अस्पताल में बनाया आइसोलेशन वार्ड
डेंगू से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य महकमे ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में 6 बेड का आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा जांच किट एवं मरीजों के लिए दवा आदि की पूरी तैयारी है।
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डेंगू से बचाव के लिए यह करें
अपने मकान के आसपास पानी जमा न होने दे।
गमले, कूलर-फ्रीज व बर्तनों का पानी बदलते रहे।
पानी जमा होने वाले स्थानों पर पेट्रोल व कैरोसिन डाले।
गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दे व नाली बहती रहे।
पूरी आस्तीन के कपड़े, जूते और मौजें पहनकर रखे।
रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मकान के गेट व खिड़कियों पर महीन जाली लगाकर मच्छर न आने दे।
आर्गेनोफास्फेट या पाइरेथाइराड इंसेक्टेसाइड का छिड़काव करें।
संभावना होने पर सिर्फ पैरासिटामोल ही ले एवं चिकित्सक के पास जाए।
डेंगू के लक्षण
शरीर के जोड़ों में एवं माथे में तेज दर्द।
ठंड के साथ तेज बुखार चढ़ना।
सिर मासपेशियों तथा जोड़ों में तेज दर्ज।
अत्यधिक कमजोरी व भूख कम लगना।
शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर कम होना और जी मिचलाना।
मुंह का स्वाद खराब होना।
गले में दर्द व जुकाम लग जाना।
चेहरे, गर्दन व छाती में दाने व चकते पड़ना।