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हरिद्वार में अपना रुट खुद तय करते हैं ऑटो-विक्रम
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धर्मनगरी की सड़कों पर ऑटो-विक्रम की भरमार जनता पर भारी पड़ रही है। आलम यह है कि ट्रैफिक प्लान जीरो जोन का तिपहिया चालक खुलेआम उल्लघंन कर रहे है, वहीं पुलिस दर्शक बनी तमाशा देख रही है।
शहर में दौड़ने वाले करीब चार ऑटो में से अधिकतर ऑटो अपने निर्धारित रूटों के अलावा अन्य रूटों पर भी दौड़ते नजर आते हैं। स्थानीय मार्गों की बात तो दूर हाईवे पर भी बिना परमिट वाले सैकड़ों वाहन बेरोकटोक सरपट दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग की उदासीनता से न सिर्फ सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है बल्कि द्रुत गति से चलने वाले यह ऑटो-विक्रम यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। जिले में आठ हजार के करीब ऑटो व विक्रम परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हैं जबकि यहां ऑटो व विक्रम की रेलम-पेलम सड़कों पर नजर आती है। गौरतलब है कि ऋषिकेश से आने वाले विक्रम की परमिट सीमा आईएसबीटी ऋषिकेश से लेकर चंडीघाट तक 25 किलोमीटर है जबकि ऑटो, विक्रम परमिट सीमा का उल्लंघन कर कनखल, सिडकुल व पतंजलि तक दौड़ रहे हैं। वहीं रुड़की केंद्र से चलने वाले ऑटो विक्रम का परमिट ज्वालापुर जटवाड़ा पुल तक है लेकिन यह ऑट-विक्रम ऋषिकेश तक संचालित हो रहे हैं।
कुछ ही रूटों पर नियमित चलते हैं ऑटो-टेंपो
शहर के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने के लिए रूटों का निर्धारण किया गया था लेकिन ऑटो चालकों की मनमानी ऐसी कि इन रूटों पर चलने के बजाय वे अपना रूट खुद ही तय कर निकलते हैं। यही नहीं निर्धारित रूटों में से एक या दो रूटों पर ही नियमित ऑटो चलने की जानकारी है। इन रूटों से निकलने के दौरान कई बार यह दूसरे रूटों पर चल पड़ते हैं।
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यहां रहता है यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित
रेलवे स्टेशन, ललतौरा पुल, बस अड्डा, रानीपुर मोड, शंकर आश्रम, ऋषिकुल, खड़खड़ी भीमगौड़ा सहित दर्जनों अन्य स्थानों पर ऑटो-टेंपो की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित रहता है।
अवैध तरीके से चलने वाले ऑटो पर समय-समय पर कार्रवाई होती है। इसमें ऋषिकेश और रुड़की सेंटर ऑटो-टेंपो के यहां पाये जाने पर चालान किया जाता है। इन पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है।
-रत्नांकर सिंह, एआरटीओ प्रशासन, हरिद्वार।
रुड़की और ऋषिकेश सेंटर के ऑटो व विक्रम चालक परमिट सीमा का उल्लंघन कर दौड़ रहे हैं। इसके चलते स्थानीय ऑटो संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को इस बार ध्यान देना चाहिए। - सोमनाथ, अध्यक्ष, पंचपुरी ऑटो रिक्शा विक्रम टैंपो एसोसिएशन, हरिद्वार।
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शहर में दौड़ने वाले करीब चार ऑटो में से अधिकतर ऑटो अपने निर्धारित रूटों के अलावा अन्य रूटों पर भी दौड़ते नजर आते हैं। स्थानीय मार्गों की बात तो दूर हाईवे पर भी बिना परमिट वाले सैकड़ों वाहन बेरोकटोक सरपट दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग की उदासीनता से न सिर्फ सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है बल्कि द्रुत गति से चलने वाले यह ऑटो-विक्रम यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। जिले में आठ हजार के करीब ऑटो व विक्रम परिवहन कार्यालय में पंजीकृत हैं जबकि यहां ऑटो व विक्रम की रेलम-पेलम सड़कों पर नजर आती है। गौरतलब है कि ऋषिकेश से आने वाले विक्रम की परमिट सीमा आईएसबीटी ऋषिकेश से लेकर चंडीघाट तक 25 किलोमीटर है जबकि ऑटो, विक्रम परमिट सीमा का उल्लंघन कर कनखल, सिडकुल व पतंजलि तक दौड़ रहे हैं। वहीं रुड़की केंद्र से चलने वाले ऑटो विक्रम का परमिट ज्वालापुर जटवाड़ा पुल तक है लेकिन यह ऑट-विक्रम ऋषिकेश तक संचालित हो रहे हैं।
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कुछ ही रूटों पर नियमित चलते हैं ऑटो-टेंपो
शहर के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने के लिए रूटों का निर्धारण किया गया था लेकिन ऑटो चालकों की मनमानी ऐसी कि इन रूटों पर चलने के बजाय वे अपना रूट खुद ही तय कर निकलते हैं। यही नहीं निर्धारित रूटों में से एक या दो रूटों पर ही नियमित ऑटो चलने की जानकारी है। इन रूटों से निकलने के दौरान कई बार यह दूसरे रूटों पर चल पड़ते हैं।
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यहां रहता है यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित
रेलवे स्टेशन, ललतौरा पुल, बस अड्डा, रानीपुर मोड, शंकर आश्रम, ऋषिकुल, खड़खड़ी भीमगौड़ा सहित दर्जनों अन्य स्थानों पर ऑटो-टेंपो की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित रहता है।
अवैध तरीके से चलने वाले ऑटो पर समय-समय पर कार्रवाई होती है। इसमें ऋषिकेश और रुड़की सेंटर ऑटो-टेंपो के यहां पाये जाने पर चालान किया जाता है। इन पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है।
-रत्नांकर सिंह, एआरटीओ प्रशासन, हरिद्वार।
रुड़की और ऋषिकेश सेंटर के ऑटो व विक्रम चालक परमिट सीमा का उल्लंघन कर दौड़ रहे हैं। इसके चलते स्थानीय ऑटो संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को इस बार ध्यान देना चाहिए। - सोमनाथ, अध्यक्ष, पंचपुरी ऑटो रिक्शा विक्रम टैंपो एसोसिएशन, हरिद्वार।