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अनियमिताओं पर शिक्षकों की नियुक्ति का अनुमोदन समाप्त
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पांच साल पहले अशासकीय इंटर कॉलेज में नियुक्त किए गए शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के अनुमोदन को समाप्त कर दिया गया है। जिससे कॉलेज के 14 शिक्षकों पर गाज गिर गई है। चयन प्रक्रिया में मानकों की अनदेखी मिलने पर शासन के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से यह कार्रवाई की गई। जिससे अध्यापकों और प्रबंधन समिति में हड़कंप मचा हुआ है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज गढ़मीरपुर हरिद्वार में वर्ष 2016 में 14 अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। पर कॉलेज के लिए स्वीकृत किए गए अनुदान और अवैध नियुक्तियों पर सवाल खड़े किए गए थे। मामले की शिकायत शासन स्तर तक की गई थी। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी अनुदान और शिक्षकों की नियुक्तियां करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में जांच के दौरान पहले ही कॉलेज का अनुदान समाप्त कर दिया गया था।
अब शासन के निर्देश पर हुई जांच पड़ताल में नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़ा सामनेेेे आया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के 2016 में रखे गए अध्यापकों की भर्ती के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से दिए गए अनुमोदन को भी खत्म कर दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने बताया कि प्रबंधन समिति की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों को नहीं अपनाया गया था। अनुमोदन पत्र में नियुक्तियों में गड़बड़ी मिलने पर अनुमोदन स्वत: ही समाप्त होने की शर्त रखी गई थी। जिससे अब शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आने पर अनुमोदन समाप्त हो गया है। उधर, कॉलेज की प्रधानाचार्य रितु अटानिया का कहना है कि प्रबंध समिति और अध्यापकों का पक्ष मुख्य शिक्षा अधिकारी ने नहीं सुना है। जबकि वह और प्रबंधक सुदेशना स्वयं मुख्य शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में मिली थीं, पर उन्होंने एक तरफा कार्रवाई कर दी है। लेकिन उन्हें फिर भी अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। अब हाईकोर्ट के सामने मामला रखा जाएगा।
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डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज गढ़मीरपुर हरिद्वार में वर्ष 2016 में 14 अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। पर कॉलेज के लिए स्वीकृत किए गए अनुदान और अवैध नियुक्तियों पर सवाल खड़े किए गए थे। मामले की शिकायत शासन स्तर तक की गई थी। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी अनुदान और शिक्षकों की नियुक्तियां करने के आरोप लगाए गए थे। मामले में जांच के दौरान पहले ही कॉलेज का अनुदान समाप्त कर दिया गया था।
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अब शासन के निर्देश पर हुई जांच पड़ताल में नियुक्तियों में भी फर्जीवाड़ा सामनेेेे आया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के 2016 में रखे गए अध्यापकों की भर्ती के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी की ओर से दिए गए अनुमोदन को भी खत्म कर दिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी सेमवाल ने बताया कि प्रबंधन समिति की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों को नहीं अपनाया गया था। अनुमोदन पत्र में नियुक्तियों में गड़बड़ी मिलने पर अनुमोदन स्वत: ही समाप्त होने की शर्त रखी गई थी। जिससे अब शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आने पर अनुमोदन समाप्त हो गया है। उधर, कॉलेज की प्रधानाचार्य रितु अटानिया का कहना है कि प्रबंध समिति और अध्यापकों का पक्ष मुख्य शिक्षा अधिकारी ने नहीं सुना है। जबकि वह और प्रबंधक सुदेशना स्वयं मुख्य शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में मिली थीं, पर उन्होंने एक तरफा कार्रवाई कर दी है। लेकिन उन्हें फिर भी अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। अब हाईकोर्ट के सामने मामला रखा जाएगा।
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