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बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को 22 साल की कैद
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रोशनाबाद। सात वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए अपर जिला जज/एफटीएससी न्यायाधीश पारुल गैरोला ने आरोपी को दोषी पाते हुए 22 वर्ष के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि 20 नवंबर 2018 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र से रिश्तेदार के यहां आई सात वर्षीय मासूम गुम हो गई थी। परिजनों के काफी खोजबीन करने के बाद भी पीड़िता जंगल से बरामद हुई थी। मासूम पीड़िता ने रोते हुए परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मासूम ने बताया था कि एक व्यक्ति उसे चॉकलेट दिलाने का लालच देकर जंगल ले गया और वहां उसके साथ छेड़छाड़ की तरह गलत काम किया। जिसके बाद मासूम पीड़िता के रिश्तेदार ने थाने में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मौके पर ही आरोपी पूरण निवासी टिबड़ी कोतवाली रानीपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ बालिका को बहला फुसलाकर ले जाने अप्राकृतिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किए थे। वादी पक्ष ने साक्ष्य में 13 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व बहस को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीएससी न्यायाधीश पारुल गैरोला ने आरोपी पूरण को दोषी पाते 22 वर्ष के कठोर कारावास व 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 70 हजार रुपये मासूम को मुआवजा राशि के रूप में देने के आदेश के साथ ही पीड़िता को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आदेश की एक कॉपी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि 20 नवंबर 2018 को कोतवाली रानीपुर क्षेत्र से रिश्तेदार के यहां आई सात वर्षीय मासूम गुम हो गई थी। परिजनों के काफी खोजबीन करने के बाद भी पीड़िता जंगल से बरामद हुई थी। मासूम पीड़िता ने रोते हुए परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मासूम ने बताया था कि एक व्यक्ति उसे चॉकलेट दिलाने का लालच देकर जंगल ले गया और वहां उसके साथ छेड़छाड़ की तरह गलत काम किया। जिसके बाद मासूम पीड़िता के रिश्तेदार ने थाने में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने मौके पर ही आरोपी पूरण निवासी टिबड़ी कोतवाली रानीपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ बालिका को बहला फुसलाकर ले जाने अप्राकृतिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किए थे। वादी पक्ष ने साक्ष्य में 13 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व बहस को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीएससी न्यायाधीश पारुल गैरोला ने आरोपी पूरण को दोषी पाते 22 वर्ष के कठोर कारावास व 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 70 हजार रुपये मासूम को मुआवजा राशि के रूप में देने के आदेश के साथ ही पीड़िता को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आदेश की एक कॉपी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए हैं।
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