ऋषिकुल कॉलोनी निवासी व्यापारी की मौत डेंगू से ही हुई थी। एलायजा जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि मलेरिया विभाग उनकी मौत का कारण ऑडिट रिपोर्ट आने की बाद ही पुष्टि करने की बात कर रहा है। हरिद्वार जनपद में अब तक पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार को मलेरिया विभाग ने हरकी पैड़ी क्षेत्र और नगर निगम कार्यालय में अभियान चलाकर लार्वा नष्ट कराया।
25 जुलाई को ऋषिकुल निवासी एक व्यापारी की देहरादून के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। तब भी यह बात सामने आई थी कि मौत डेंगू से हुई, हालांकि उस समय स्वास्थ्य अधिकारियों ने रिपोर्ट न मिलने की बात कही थी। इसके बाद व्यापारी के सैंपल की एलायजा जांच की गई तो उसमें डेंगू की पुष्टि हुई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह का कहना है कि अभी उनकी मृत्यु की ऑडिट रिपोर्ट नहीं आई है। हालांकि जनपद में पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा रैपिड जांच में हरकी पैड़ी निवासी व्यापारी में डेंगू का मामला सामने आने पर विभाग की टीम ने लार्वा ढूंढने का अभियान चलाया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि व्यापारी के मकान के पीछे गार्डन बनाया हुआ है, उसमें टायर, गमले में बड़ी संख्या में लार्वा पनपा हुआ मिला। इसके अलावा टीम ने नगर निगम और परिसर में अभियान चलाया। जल संस्थान और ऊर्जा निगम के कार्यालय में लार्वा मिला।