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Haridwar News: चारधाम की राह पर मिली सच्ची दोस्ती, यात्री का हमसफर बना एक वफादार कुत्ता
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देश में जहां कुत्तों को लेकर अक्सर वाद-विवाद देखने को मिलता है वहीं धर्मनगरी हरिद्वार से एक कुत्ते और एक यात्री की अटूट दोस्ती की मिसाल सामने आई है। मध्य प्रदेश से साइकिल पर चारधाम यात्रा पर आए देवा जोगी की मुलाकात यहां एक कुत्ते से हुई। यहां हुई मुलाकात के बाद कुत्ते ने पूरी यात्रा के दौरान उसका साथ नहीं छोड़ा। इस वफादारी से प्रभावित होकर यात्री ने उसे जीवन भर के लिए अपना दोस्त बना लिया।
बीते माह मध्य प्रदेश के देवा जोगी पर्यावरण जागरण के उद्देश्य से साइकिल से चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। यात्रा के दौरान एक जगह चाय पीते समय एक कुत्ता उनके पास आया। जब देवा जोगी अपनी यात्रा के अगले पड़ाव की ओर निकले तो कुत्ता भी उनकी साइकिल के पीछे-पीछे चल दिया। देवा जोगी ने चारधाम की इस लंबी और कठिन यात्रा में कुत्ते को कई बार दुत्कारा लेकिन कुत्ते ने हार नहीं मानी और उनका साथ नहीं छोड़ा। उसने देवा जोगी के साथ-साथ पूरी चारधाम यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।
यात्रा के दौरान जोशीमठ में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। एक कार सवार ने अनजाने में कुत्ते की टांग पर पहिया चढ़ा दिया जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कुत्ते ने अपने दोस्त देवा जोगी का साथ नहीं छोड़ा। देवा जोगी पेशे से मजदूर हैं। कुत्ते का यह प्रेम देखकर भावुक हो गए। उन्होंने उसका उपचार कराया और खुद पैदल चलना शुरू कर दिया। उन्होंने कुत्ते के लिए अपनी साइकिल के पीछे बैठने की व्यवस्था की और यात्रा पूरी करके हरिद्वार लौटे।
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हरिद्वार लौटने पर देवा जोगी ने कुत्ते को उसी चाय की दुकान के पास छोड़ा जहां वे पहली बार मिले थे। लेकिन कुत्ता फिर भी उनसे अलग नहीं हुआ। कुत्ते की इस निस्वार्थ वफादारी और प्रेम को देखकर,देवा जोगी ने उसे अपने साथ ले जाने का फैसला किया और इस प्यारे दोस्त का नाम रॉकी रख दिया।
साइकिल से दे रहे पर्यावरण जागरण का संदेश
देवा जोगी ने बताया कि उनकी यह साइकिल यात्रा पर्यावरण जागरण के उद्देश्य से चल रही थी। उन्होंने बैनर और तख्ती पर हरियाली बचाने के संदेश लिखकर यात्रा पूरी की और भगवान से देश की खुशहाली और पर्यावरण संरक्षण की कामना की। देवा जोगी ने रॉकी के प्रेम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने महाभारत काल में महाराज युधिष्ठिर के साथ कुत्ते के पर्वतारोहण पर जाने की कथा सुनी थी और आज उनके साथ भी कुछ वैसा ही हुआ है।
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बीते माह मध्य प्रदेश के देवा जोगी पर्यावरण जागरण के उद्देश्य से साइकिल से चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। यात्रा के दौरान एक जगह चाय पीते समय एक कुत्ता उनके पास आया। जब देवा जोगी अपनी यात्रा के अगले पड़ाव की ओर निकले तो कुत्ता भी उनकी साइकिल के पीछे-पीछे चल दिया। देवा जोगी ने चारधाम की इस लंबी और कठिन यात्रा में कुत्ते को कई बार दुत्कारा लेकिन कुत्ते ने हार नहीं मानी और उनका साथ नहीं छोड़ा। उसने देवा जोगी के साथ-साथ पूरी चारधाम यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।
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यात्रा के दौरान जोशीमठ में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। एक कार सवार ने अनजाने में कुत्ते की टांग पर पहिया चढ़ा दिया जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कुत्ते ने अपने दोस्त देवा जोगी का साथ नहीं छोड़ा। देवा जोगी पेशे से मजदूर हैं। कुत्ते का यह प्रेम देखकर भावुक हो गए। उन्होंने उसका उपचार कराया और खुद पैदल चलना शुरू कर दिया। उन्होंने कुत्ते के लिए अपनी साइकिल के पीछे बैठने की व्यवस्था की और यात्रा पूरी करके हरिद्वार लौटे।
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हरिद्वार लौटने पर देवा जोगी ने कुत्ते को उसी चाय की दुकान के पास छोड़ा जहां वे पहली बार मिले थे। लेकिन कुत्ता फिर भी उनसे अलग नहीं हुआ। कुत्ते की इस निस्वार्थ वफादारी और प्रेम को देखकर,देवा जोगी ने उसे अपने साथ ले जाने का फैसला किया और इस प्यारे दोस्त का नाम रॉकी रख दिया।
साइकिल से दे रहे पर्यावरण जागरण का संदेश
देवा जोगी ने बताया कि उनकी यह साइकिल यात्रा पर्यावरण जागरण के उद्देश्य से चल रही थी। उन्होंने बैनर और तख्ती पर हरियाली बचाने के संदेश लिखकर यात्रा पूरी की और भगवान से देश की खुशहाली और पर्यावरण संरक्षण की कामना की। देवा जोगी ने रॉकी के प्रेम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने महाभारत काल में महाराज युधिष्ठिर के साथ कुत्ते के पर्वतारोहण पर जाने की कथा सुनी थी और आज उनके साथ भी कुछ वैसा ही हुआ है।