{"_id":"12-53133","slug":"Haridwar-53133-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 दिन बाद होगा अस्ली नकली का फैसला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 दिन बाद होगा अस्ली नकली का फैसला
Haridwar
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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हरिद्वार। त्योहारी सीजन में जो मिठाइयां खाई गईं वो असली थी या नकली ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मावा और मिठाइयों के जो सैंपल लिए थे उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। वैसे तो 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाती है लेकिन लैब ने 40 दिन का समय मांगा है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिवाली से करीब दो सप्ताह पूर्व छापामारी अभियान शुरू किया था। 30 अक्तूबर और सात नवंबर को विभागीय टीम ने मुजफ्फरनगर और मेरठ से रोडवेज बसों में आ रहे घटिया मावे और मिठाइयों की खेंप पकड़ी थी। इसके अलावा पांच और नौ नवंबर मिठाई की दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए थे। विभाग ने मिठाई और मावे के करीब 20 सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे हैं। सैंपल रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई होनी है। साथ ही रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि भी होगी कि खाद्य पदार्थों में मिलावट थी या नहीं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि वैसे सैंपल भेजने के 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आ जानी चाहिए लेकिन लैब ने रिपोर्ट के लिए 40 दिन का समय मांगा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सैंपल फेल हुए तो फसेंगे मिलावटखोर
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भरे गए सैंपल फेल होने पर मिलावटखोर फंस सकते हैं। इससे पूर्व मिलावटी मावा, मिठाई और दूध के कई मामलों में एडीएम कोर्ट आरोपियों पर जुर्माना लगा चुका है। एक ताजा मामले में कोर्ट ने मिलावटी मावा, पनीर पर हरिद्वार निवासी एक दुकानदार और उसके नौकर पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया था।
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मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिवाली से करीब दो सप्ताह पूर्व छापामारी अभियान शुरू किया था। 30 अक्तूबर और सात नवंबर को विभागीय टीम ने मुजफ्फरनगर और मेरठ से रोडवेज बसों में आ रहे घटिया मावे और मिठाइयों की खेंप पकड़ी थी। इसके अलावा पांच और नौ नवंबर मिठाई की दुकानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए थे। विभाग ने मिठाई और मावे के करीब 20 सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे हैं। सैंपल रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई होनी है। साथ ही रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि भी होगी कि खाद्य पदार्थों में मिलावट थी या नहीं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरएस रावत ने बताया कि वैसे सैंपल भेजने के 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आ जानी चाहिए लेकिन लैब ने रिपोर्ट के लिए 40 दिन का समय मांगा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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सैंपल फेल हुए तो फसेंगे मिलावटखोर
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भरे गए सैंपल फेल होने पर मिलावटखोर फंस सकते हैं। इससे पूर्व मिलावटी मावा, मिठाई और दूध के कई मामलों में एडीएम कोर्ट आरोपियों पर जुर्माना लगा चुका है। एक ताजा मामले में कोर्ट ने मिलावटी मावा, पनीर पर हरिद्वार निवासी एक दुकानदार और उसके नौकर पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया था।
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