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चिता से निकाला अधजला शव
Haridwar
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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लक्सर। कोतवाली क्षेत्र के अकोढ़ा कलां गांव में एक वृद्ध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने चिता से निकालकर अधजले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से दो ट्रैक्टर ट्रालियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मृतक के परिजन गांव से फरार हो गए हैं।
अकोढ़ा कलां गांव का 75 वर्षीय अजमेर सिंह उर्फ घिसा अविवाहित था। बुधवार रात को अजमेर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे पहले लक्सर स्थित नर्सिंग होम में लाए, लेकिन हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक ने उसे सिविल अस्पताल रुड़की रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि यहां लाने तक उसकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह गांव के किसी व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि अजमेर सिंह की परिजनों ने हत्या कर दी और उसके शव को गांव के जंगल में जलाया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना लक्सर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पुलिस के पहुंचते ही शव जला रहे लोग भाग निकले। पुलिस ने चिता में पानी डालकर अधजले शव को कब्जे में लिया। मौके से पुलिस ने दो ट्रैक्टर ट्रालियां भी पकड़ीं। जिन्हें सीज कर दिया गया है। एसएसआई आरके जुयाल ने बताया कि गांव की प्रधान रोशनी देवी और चौकीदार को बुलाकर शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अजमेर के परिजनों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी फरार हो गए।
30 बीघा जमीन है अजमेर के नाम
अजमेर की मौत को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि परिजनों ने खुद जहर देकर मार दिया। जबकि कुछ का कहना है कि गृह क्लेश के चलते उसने जहर का सेवन खुद किया। बताया जाता है कि अजमेर के नाम पर 30 बीघा जमीन थी। इसकी कीमत करोड़ों में है। अविवाहित होने के कारण वह अपने भाई साधुराम के साथ ही रहता था। बताया जाता है कि परिवार के लोगों के साथ विवाद होने के कारण उसने परिवार के दूसरे व्यक्ति के साथ उठना बैठना शुरू कर दिया था। इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था। पुलिस इसी बिंदु को केंद्र में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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अकोढ़ा कलां गांव का 75 वर्षीय अजमेर सिंह उर्फ घिसा अविवाहित था। बुधवार रात को अजमेर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे पहले लक्सर स्थित नर्सिंग होम में लाए, लेकिन हालत बिगड़ने पर निजी चिकित्सक ने उसे सिविल अस्पताल रुड़की रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि यहां लाने तक उसकी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह गांव के किसी व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी कि अजमेर सिंह की परिजनों ने हत्या कर दी और उसके शव को गांव के जंगल में जलाया जा रहा है। पुलिस कंट्रोल रूम ने इसकी सूचना लक्सर कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पुलिस के पहुंचते ही शव जला रहे लोग भाग निकले। पुलिस ने चिता में पानी डालकर अधजले शव को कब्जे में लिया। मौके से पुलिस ने दो ट्रैक्टर ट्रालियां भी पकड़ीं। जिन्हें सीज कर दिया गया है। एसएसआई आरके जुयाल ने बताया कि गांव की प्रधान रोशनी देवी और चौकीदार को बुलाकर शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अजमेर के परिजनों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी फरार हो गए।
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30 बीघा जमीन है अजमेर के नाम
अजमेर की मौत को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि परिजनों ने खुद जहर देकर मार दिया। जबकि कुछ का कहना है कि गृह क्लेश के चलते उसने जहर का सेवन खुद किया। बताया जाता है कि अजमेर के नाम पर 30 बीघा जमीन थी। इसकी कीमत करोड़ों में है। अविवाहित होने के कारण वह अपने भाई साधुराम के साथ ही रहता था। बताया जाता है कि परिवार के लोगों के साथ विवाद होने के कारण उसने परिवार के दूसरे व्यक्ति के साथ उठना बैठना शुरू कर दिया था। इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था। पुलिस इसी बिंदु को केंद्र में रखकर मामले की जांच कर रही है।
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