{"_id":"5dceecb08ebc3e54893c4f9c","slug":"98-thousand-blown-out-of-banker-s-account-haridwar-news-drn3261193100","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंककर्मी के खाते से उड़ाए 9","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंककर्मी के खाते से उड़ाए 9
विज्ञापन
हरिद्वार। साइबर क्राइम से जुड़े नए तरीके सामने आ रहे हैं। अपने ही मोबाइल फोन में कैलकुलेटर एप पर वन टाइप पासवर्ड (ओटीपी) टाइप करने पर भी खाते से रकम उड़ा ली जा रही है। एक बैंककर्मी इस नए तरीके से हुई ठगी का शिकार हुआ है। साइबर सेल भी साइबर क्रिमिनल के इस नए तरीके से हतप्रभ है।
एचडीएफसी बैंक के होम लोन में कार्यरत सोनी कुमार निवासी जगजीतपुर कनखल ने एक शॉपिंग साइट क्लब फैक्ट्री से टीशर्ट ऑर्डर की थी, लेकिन जब नियत समय तक टीशर्ट डिलीवर नहीं हुई तो उन्होंने गुगल से क्लब फैक्ट्री का नंबर ढूंढ निकाला। जब उन्होंने उस नंबर से संपर्क साधकर टीशर्ट न मिलने पर नाराजगी जताई तो बात कर रहे शख्स ने उन्हें उनके रुपये रिफंड करने की बात कही। कहा कि उनके मोबाइल फोन पर एक ओटीपी आएगा, वह उसे बताना होगा। बैंककर्मी ने ओटीपी बताने से इंकार किया तो बात कर रहे शख्स ने कैलकुलेटर पर ही ओटीपी टाइप कर लेने की बात कही। बैंककर्मी ने यह समझकर ओटीपी टाइप कर लिया कि मोबाइल फोन तो उसी के पास है। फिर ओटीपी भी बता दिया। बात कर रहे शख्स ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी रकम रुपे एप में ट्रांसफर हो जाएगी, लेकिन चंद मिनट बाद ही खाते से दो बार में 98 हजार की रकम ट्रांसफर हो गई तो वह हक्के बक्के रह गए। बैंककर्मी ने साइबर सेल को शिकायत कर दी तो साइबर सेल ने तुरंत ही कार्रवाई करते हुए एक शॉपिंग साइट से की गई शॉपिंग को रुकवा दिया। हालांकि अभी भी पूरी रकम फ्रीज नहीं हो सकी। इधर साइबर सेल भी इस नए तरीके से हैरान है। साइबर सेल प्रभारी कुलदीप कुमार की मानें तो उड़ाई गई रकम में से 75 हजार की रकम रूकवा ली गई है। बताया कि क्लब फैक्ट्री की फर्जी वेबसाइट भी बनाई गई है, उस पर ठगों ने अपने नंबर अपलोड किए हुए है। मामले की जांच कर रहे है।
विज्ञापन
एचडीएफसी बैंक के होम लोन में कार्यरत सोनी कुमार निवासी जगजीतपुर कनखल ने एक शॉपिंग साइट क्लब फैक्ट्री से टीशर्ट ऑर्डर की थी, लेकिन जब नियत समय तक टीशर्ट डिलीवर नहीं हुई तो उन्होंने गुगल से क्लब फैक्ट्री का नंबर ढूंढ निकाला। जब उन्होंने उस नंबर से संपर्क साधकर टीशर्ट न मिलने पर नाराजगी जताई तो बात कर रहे शख्स ने उन्हें उनके रुपये रिफंड करने की बात कही। कहा कि उनके मोबाइल फोन पर एक ओटीपी आएगा, वह उसे बताना होगा। बैंककर्मी ने ओटीपी बताने से इंकार किया तो बात कर रहे शख्स ने कैलकुलेटर पर ही ओटीपी टाइप कर लेने की बात कही। बैंककर्मी ने यह समझकर ओटीपी टाइप कर लिया कि मोबाइल फोन तो उसी के पास है। फिर ओटीपी भी बता दिया। बात कर रहे शख्स ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी रकम रुपे एप में ट्रांसफर हो जाएगी, लेकिन चंद मिनट बाद ही खाते से दो बार में 98 हजार की रकम ट्रांसफर हो गई तो वह हक्के बक्के रह गए। बैंककर्मी ने साइबर सेल को शिकायत कर दी तो साइबर सेल ने तुरंत ही कार्रवाई करते हुए एक शॉपिंग साइट से की गई शॉपिंग को रुकवा दिया। हालांकि अभी भी पूरी रकम फ्रीज नहीं हो सकी। इधर साइबर सेल भी इस नए तरीके से हैरान है। साइबर सेल प्रभारी कुलदीप कुमार की मानें तो उड़ाई गई रकम में से 75 हजार की रकम रूकवा ली गई है। बताया कि क्लब फैक्ट्री की फर्जी वेबसाइट भी बनाई गई है, उस पर ठगों ने अपने नंबर अपलोड किए हुए है। मामले की जांच कर रहे है।
विज्ञापन