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अनुशासन का भाव ही समाज को मजबूत बना सकता है : डॉ. पंड्या

Thu, 28 Mar 2019 11:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 28 Mar 2019 11:27 PM IST
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अनुशासन का भाव ही समाज को मजबूत बना सकता है : डॉ. पंड्या
डॉ. प्रणव पंड्या - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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देशभर के शक्तिपीठों, प्रज्ञा संस्थानों और मंडलों के जिला समन्वयक, जोन और उपजोन प्रतिनिधियों की चार दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थानों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन, नारी जागरण और युवा जागरण आदि मिशन द्वारा संचालित विभिन्न आंदोलनों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की रूपरेखा पर भी गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने मार्गदर्शन किया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि आज समाज और राष्ट्र को यश की कामना से मुक्त सच्चे युग शिल्पियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अनुशासन और आत्मीयता का भाव ही समाज और राष्ट्र को मजबूत बना सकता है। उन्होंने 2 जून को अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से देशभर में एकसाथ एक समय पर दो करोड़ घरों में गायत्री महायज्ञ आयोजित कराने के लिए अह्वान किया।
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इससे पूर्व ‘युगऋषि की वसीयत और विरासत’ विषय पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि नि:स्वार्थ भाव से समाजोत्थान में कार्य करने से यश की प्राप्ति होती है। समापन अवसर पर एचपी सिंह, यशोदा शर्मा, डॉ. सुलोचना शर्मा, व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय, केसरी कपिल, डॉ. ओपी शर्मा, केंद्रीय जोनल समन्वयक कालीचरण शर्मा रहे।
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