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कृषि अनुसंधान को कृषकों तक पहुंचाएंगे: स्वामी रामदेव
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
पतंजलि बॉयो रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कृषि विकास के लिए चार विश्वविद्यालयों के साथ अनुबंध (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि रिसर्च इंस्टीट्यूट कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाएगी और इससे उनकी आर्थिकी सुधरेगी।
पतंजलि बॉयो रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार के स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों को कृषि की नई तकनीक से बीज उत्पादन में प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए चार कृषि विश्वविद्यालयों जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विवि हैदराबाद, इंदिरा गांधी कृषि विवि रायपुर, कृषि विज्ञान विवि धारवाड़ कर्नाटक और नरेंद्र देव कृषि विवि फैजाबाद के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट भी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते ज्ञापन के तहत हम एक साथ मिलकर इन संसाधनों के द्वारा विकसित नई किस्मों और तकनीकों को किसानों के सुलभ बनाएंगे और इनका व्यापक प्रचार एवं प्रसार करेंगे। स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि वर्तमान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एवं भारतीय कृषि कौशल परिषद् के साथ मिलकर पूरे देश में 40 हजार किसानों को जैविक खेती में प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट ने उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उर्वरक और जैव कीटनाशकों के उत्पादन की तकनीक विकसित की है जो जैविक कृषि के तहत अच्छी फसलों की पैदावार में मदद करती है। इस अवसर पर प्रोफेसर जयशंकर, डॉ. पी सुरेंद्र बाबु, डॉ वीरेंद्र नाथ आदि उपस्थित रहे।
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पतंजलि बॉयो रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कृषि विकास के लिए चार विश्वविद्यालयों के साथ अनुबंध (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस मौके पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि रिसर्च इंस्टीट्यूट कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाएगी और इससे उनकी आर्थिकी सुधरेगी।
पतंजलि बॉयो रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार के स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों को कृषि की नई तकनीक से बीज उत्पादन में प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए चार कृषि विश्वविद्यालयों जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विवि हैदराबाद, इंदिरा गांधी कृषि विवि रायपुर, कृषि विज्ञान विवि धारवाड़ कर्नाटक और नरेंद्र देव कृषि विवि फैजाबाद के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट भी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समझौते ज्ञापन के तहत हम एक साथ मिलकर इन संसाधनों के द्वारा विकसित नई किस्मों और तकनीकों को किसानों के सुलभ बनाएंगे और इनका व्यापक प्रचार एवं प्रसार करेंगे। स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि वर्तमान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एवं भारतीय कृषि कौशल परिषद् के साथ मिलकर पूरे देश में 40 हजार किसानों को जैविक खेती में प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि बायो रिसर्च इंस्टीट्यूट ने उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उर्वरक और जैव कीटनाशकों के उत्पादन की तकनीक विकसित की है जो जैविक कृषि के तहत अच्छी फसलों की पैदावार में मदद करती है। इस अवसर पर प्रोफेसर जयशंकर, डॉ. पी सुरेंद्र बाबु, डॉ वीरेंद्र नाथ आदि उपस्थित रहे।
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