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स्थानीय ट्रकों से प्रदेश में ढुलाई न कराने पर ट्रक ऑपरेटरों में गुस्सा
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
प्रदेश से प्रदेश में स्थानीय ट्रकों के बजाय अन्य प्रदेशों के ट्रकों को माल ढुलाई में लगाए जाने का विरोध करते हुए ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विरोध किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ एआरटीओ से मांग की है कि नियम को लागू कराकर उन्हें काम दिलाया जाएगा। कहा कि उन्हें काम न मिलने से उनका रोजगार पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
शनिवार को भूपतवाला में ट्रक ऑपरेटर एवं एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने बैठक की। इसमें गायत्री ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार ने ट्रक ऑपरेटरों की समस्या उठाते हुए कहा कि प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों के बजाय अन्य प्रदेश के ट्रकों से काम लिया जा रहा है। दो साल से प्रदेश के ट्रकों को खनन सामग्री में भी ढुलाई पर नहीं लगाया गया है। इससे हजारों ट्रक ऑपरेटर, चालक एवं उनके साथ जुड़े मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं। वह दो साल से लगातार काम मांग रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नियमानुसार प्रदेश से प्रदेश में ढुलाई में केवल स्थानीय ट्रकों को ही लगाया जाता है। इसके अलावा प्रदेश से खनन सामग्री अन्य प्रदेशों में नहीं ले जायी सकती है, लेकिन सभी नियमों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी को एआरटीओ को भी उपलब्ध कराकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने से स्थानीय ट्रक बंद पड़े हैं। इससे ऋण पर लिए गए ट्रकों की किस्त भी जमा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मांग पर अमल नहीं हुआ तो वह एआरटीओ के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बैठक में अम्बूराम, गंगाधर पांडेय, आशीष वालिया, सन्नी चौधरी, सदाकर, काकू वालिया, गौरव, दर्शन, हेमंत शर्मा, रूस्तम खान, सुखपाल चौहान, प्रशांत चौहान, नवीन चौहान आदि शामिल हुए।
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प्रदेश से प्रदेश में स्थानीय ट्रकों के बजाय अन्य प्रदेशों के ट्रकों को माल ढुलाई में लगाए जाने का विरोध करते हुए ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विरोध किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ एआरटीओ से मांग की है कि नियम को लागू कराकर उन्हें काम दिलाया जाएगा। कहा कि उन्हें काम न मिलने से उनका रोजगार पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
शनिवार को भूपतवाला में ट्रक ऑपरेटर एवं एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने बैठक की। इसमें गायत्री ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार ने ट्रक ऑपरेटरों की समस्या उठाते हुए कहा कि प्रदेश के ट्रक ऑपरेटरों के बजाय अन्य प्रदेश के ट्रकों से काम लिया जा रहा है। दो साल से प्रदेश के ट्रकों को खनन सामग्री में भी ढुलाई पर नहीं लगाया गया है। इससे हजारों ट्रक ऑपरेटर, चालक एवं उनके साथ जुड़े मजदूर भी बेरोजगार हो गए हैं। वह दो साल से लगातार काम मांग रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नियमानुसार प्रदेश से प्रदेश में ढुलाई में केवल स्थानीय ट्रकों को ही लगाया जाता है। इसके अलावा प्रदेश से खनन सामग्री अन्य प्रदेशों में नहीं ले जायी सकती है, लेकिन सभी नियमों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी को एआरटीओ को भी उपलब्ध कराकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई भी कार्रवाई न होने से स्थानीय ट्रक बंद पड़े हैं। इससे ऋण पर लिए गए ट्रकों की किस्त भी जमा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मांग पर अमल नहीं हुआ तो वह एआरटीओ के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बैठक में अम्बूराम, गंगाधर पांडेय, आशीष वालिया, सन्नी चौधरी, सदाकर, काकू वालिया, गौरव, दर्शन, हेमंत शर्मा, रूस्तम खान, सुखपाल चौहान, प्रशांत चौहान, नवीन चौहान आदि शामिल हुए।
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