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पाकिस्तान आतंकवाद की जननी: राजराजेश्वराश्रम
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
कनखल स्थित श्री जगद्गुरु आश्रम में यति सम्राट ब्रह्मलीन आचार्य महामंडलेश्वर जगद्गुरु स्वामी प्रकाशानंद महाराज के एकादश निर्वाण दिवस पर मंगलवार को राष्ट्ररक्षा महायज्ञ हुआ। कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए जवानों की आत्म शांति के लिए आहुतियां डाली गईं।
स्वामी प्रकाशानंद महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की जननी है। जब तक पाकिस्तान का अस्तित्व समाप्त नहीं होगा, तब तक विश्व में आतंक का खात्मा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रों और महाशिक्तयों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमंडल पर भारत भूमि का विशेष प्रभाव है जो प्रत्यक्ष देखने में नहीं आता। यह देश पूरे विश्व का जीवन है। भारत की हानि से पूरे भूमंडल का पतन है। उन्होंने कहा कि धर्म के बिना नीति विधवा है और नीति के बिना धर्म विधुर है। अत: धर्म और राजनीति साथ साथ होने चाहिए लेकिन धर्म का तिरस्कार हो रहा है। इस कारण देश में व्यभिचार, हिंसा, आतंकवाद और भ्रष्टाचार बढ़ने से देश का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में हिंसा बहुत बढ़ रही है। लगभग चार हजार से ज्यादा कत्लखानों में प्रतिदिन तीन लाख पशु काटे जाते है। मनुष्यों की हत्याओं में भी वृद्धि हो रही है। खेतों में जहरीली दवाएं छिड़की जाती है। कार्यक्रम के संयोजक पंडित अभिषेक कौशिक और डॉ. गौरव मिनोचा ने यज्ञ के नेतृत्वकर्ता स्वामी गिरिजानंद महाराज और यजमानों का अभिनंदन किया। इस दौरान आंध्रप्रदेश से आए स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, स्वामी भागवतश्रम गौरांग महाराज, परमानंद गिरि समेत बड़ी संख्या में संतों ने भाग लिया। रविंद्र सिंह भदौरिया और नारायण स्वामी ने कार्यक्रम का संचालन किया जबकि जगदीश गुप्ता ने आभार जताया।
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कनखल स्थित श्री जगद्गुरु आश्रम में यति सम्राट ब्रह्मलीन आचार्य महामंडलेश्वर जगद्गुरु स्वामी प्रकाशानंद महाराज के एकादश निर्वाण दिवस पर मंगलवार को राष्ट्ररक्षा महायज्ञ हुआ। कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए जवानों की आत्म शांति के लिए आहुतियां डाली गईं।
स्वामी प्रकाशानंद महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की जननी है। जब तक पाकिस्तान का अस्तित्व समाप्त नहीं होगा, तब तक विश्व में आतंक का खात्मा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रों और महाशिक्तयों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमंडल पर भारत भूमि का विशेष प्रभाव है जो प्रत्यक्ष देखने में नहीं आता। यह देश पूरे विश्व का जीवन है। भारत की हानि से पूरे भूमंडल का पतन है। उन्होंने कहा कि धर्म के बिना नीति विधवा है और नीति के बिना धर्म विधुर है। अत: धर्म और राजनीति साथ साथ होने चाहिए लेकिन धर्म का तिरस्कार हो रहा है। इस कारण देश में व्यभिचार, हिंसा, आतंकवाद और भ्रष्टाचार बढ़ने से देश का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में हिंसा बहुत बढ़ रही है। लगभग चार हजार से ज्यादा कत्लखानों में प्रतिदिन तीन लाख पशु काटे जाते है। मनुष्यों की हत्याओं में भी वृद्धि हो रही है। खेतों में जहरीली दवाएं छिड़की जाती है। कार्यक्रम के संयोजक पंडित अभिषेक कौशिक और डॉ. गौरव मिनोचा ने यज्ञ के नेतृत्वकर्ता स्वामी गिरिजानंद महाराज और यजमानों का अभिनंदन किया। इस दौरान आंध्रप्रदेश से आए स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, स्वामी भागवतश्रम गौरांग महाराज, परमानंद गिरि समेत बड़ी संख्या में संतों ने भाग लिया। रविंद्र सिंह भदौरिया और नारायण स्वामी ने कार्यक्रम का संचालन किया जबकि जगदीश गुप्ता ने आभार जताया।
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