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नाबालिग बालिका से दुष्कर्म में दस साल की सजा सुनाई
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में 50 हजार रुपये निर्भया फंड से दिए जाने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि पीड़ित बालिका के पिता ने हरिद्वार कोतवाली में 15 जनवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी नाबालिग बेटी रात को घर से लापता हो गई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उसी रात पुलिस ने पीड़ित बालिका को आरोपी शुभम चौटाला निवासी वाल्मीकि बस्ती कुंज गली खड़खड़ी कोतवाली नगर को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से पीड़िता भी मिली थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी शुभम चौटाला के खिलाफ नाबालिग बहलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने की धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त शुभम चौटाला को दस वर्ष के कारावास तथा साठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़ित नाबालिक को निर्भया फंड से 50 हजार रुपये दिए जाने के भी आदेश दिए।
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नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में 50 हजार रुपये निर्भया फंड से दिए जाने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि पीड़ित बालिका के पिता ने हरिद्वार कोतवाली में 15 जनवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी नाबालिग बेटी रात को घर से लापता हो गई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। उसी रात पुलिस ने पीड़ित बालिका को आरोपी शुभम चौटाला निवासी वाल्मीकि बस्ती कुंज गली खड़खड़ी कोतवाली नगर को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से पीड़िता भी मिली थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी शुभम चौटाला के खिलाफ नाबालिग बहलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने की धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त शुभम चौटाला को दस वर्ष के कारावास तथा साठ हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़ित नाबालिक को निर्भया फंड से 50 हजार रुपये दिए जाने के भी आदेश दिए।
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