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क्षेत्र में कई स्थानों पर पुल, रपटे व सड़कें टूटी
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पथरी। बारिश से क्षेत्र में कई स्थानों पर पुल, रपटे और सड़कें टूटी हुई है। ऐसे में आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। सुखरासा के निकट पथरी रोह नदी का पुल काफी समय से क्षतिग्रस्त है। पिछले दिनों सुखरासा व एकड़ के निकट पानी के तेज बहाव में रपटे बह गए हैं। जिससे आवागमन की परेशानी और अधिक बढ़ गई।
तीन साल से पथरी रोह नदी का पुल कमजोर और जर्जर होने से कभी भी ढह सकता है। ऐसे में इस पुल से आवागमन बंद है। यहां आवागमन के लिए अस्थायी रपटा बनाया गया था, वह भी बह गया। सुखरासा के ग्रामीणों के खेत पथरी रोह नदी के उस पार है। शरीफ, हनीफ, मुबारक, सुलेमान, रमेश, सुरेश,नरेंद्र, विक्रम आदि ग्रामीणों का कहना है कि पथरी रोह नदी में जब भी ज्यादा पानी आता है, तब पुल के उस पार खेतों में नहीं जा सकते है। पशुओं के लिए चारे की समस्या भी हो जाती है।
दूसरी ओर मुस्तफाबाद, पदार्था से नसीरपुरकलां मार्ग, कटारपुर से बिशनपुर कुंडी मार्ग, घोंटी चौक से दुर्गागढ मार्ग, सुभाषगढ़ से आदर्श टिहरी नगर,पथरी थाने से घोंटी चौक मार्ग, फेरूपुर से बहादरपुर जट मार्ग, कटारपुर से बहादरपुर जट मार्ग, शेरपुर से भुवापुर चमरावल मार्ग पर सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। चरण सिंह, महेंद्र सिंह,राजकुमार, शोभाराम आदि का कहना है कि इन मार्गों पर करीब दस साल पहले सडकों का निर्माण हुआ था। उसके बाद इनकी कोई सुध नहीं ली गई है। बारिश होने पर सड़कों में बने गड्ढों में जलभराव हो जाता है।
पथरी। बारिश से क्षेत्र में कई स्थानों पर पुल, रपटे और सड़कें टूटी हुई है। ऐसे में आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। सुखरासा के निकट पथरी रोह नदी का पुल काफी समय से क्षतिग्रस्त है। पिछले दिनों सुखरासा व एकड़ के निकट पानी के तेज बहाव में रपटे बह गए हैं। जिससे आवागमन की परेशानी और अधिक बढ़ गई।
तीन साल से पथरी रोह नदी का पुल कमजोर और जर्जर होने से कभी भी ढह सकता है। ऐसे में इस पुल से आवागमन बंद है। यहां आवागमन के लिए अस्थायी रपटा बनाया गया था, वह भी बह गया। सुखरासा के ग्रामीणों के खेत पथरी रोह नदी के उस पार है। शरीफ, हनीफ, मुबारक, सुलेमान, रमेश, सुरेश,नरेंद्र, विक्रम आदि ग्रामीणों का कहना है कि पथरी रोह नदी में जब भी ज्यादा पानी आता है, तब पुल के उस पार खेतों में नहीं जा सकते है। पशुओं के लिए चारे की समस्या भी हो जाती है।
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दूसरी ओर मुस्तफाबाद, पदार्था से नसीरपुरकलां मार्ग, कटारपुर से बिशनपुर कुंडी मार्ग, घोंटी चौक से दुर्गागढ मार्ग, सुभाषगढ़ से आदर्श टिहरी नगर,पथरी थाने से घोंटी चौक मार्ग, फेरूपुर से बहादरपुर जट मार्ग, कटारपुर से बहादरपुर जट मार्ग, शेरपुर से भुवापुर चमरावल मार्ग पर सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। चरण सिंह, महेंद्र सिंह,राजकुमार, शोभाराम आदि का कहना है कि इन मार्गों पर करीब दस साल पहले सडकों का निर्माण हुआ था। उसके बाद इनकी कोई सुध नहीं ली गई है। बारिश होने पर सड़कों में बने गड्ढों में जलभराव हो जाता है।
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