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निरर्थक नहीं जाने दिया बलिदान, गौवंश संरक्षक को काम जारी: त्रिवेंद्र रावत

Thu, 08 Feb 2018 11:00 PM IST
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:00 PM IST
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निरर्थक नहीं जाने दिया बलिदान, गौवंश संरक्षक को काम जारी: त्रिवेंद्र रावत

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार/ पथरी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भाजपा ने कटारपुर में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले गोरक्षकों का बलिदान निरर्थक नहीं जाने दिया और गोवंश बचाने के लिए काम जारी है। पथरी क्षेत्र के ग्राम कटारपुर में आयोजित गोरक्षक बलिदान दिवस के एक सौ वर्ष पूरा होने पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी शासन में फांसी के तख्ते पर चढ़ाए गए और काले पानी की सजा पर भेजे गए गोरक्षकों को श्रद्धाजंलि अर्पित की। उन्होंने इस दौरान कटारपुर गोरक्षक गौरव गाथा के बलिदानियों के वंशजों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया।
बृहस्पतिवार को कटारपुर गांव में गोरक्षक तीर्थ पर हवन करने के बाद विद्या देवी मेमोरियल इंटर कालेज में श्रद्धाजंलि दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गोरक्षा के लिए बलिदान करने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गाय हमारी आस्था से जुड़ी है। यह संस्कृति की सूत्रधार है। इस वैज्ञानिक युग में भी गऊ पर हुए तमाम रिसर्च प्रमाणिक हुए हैं। उन्होंने कहा कि गोवंश हमारी अर्थ व्यवस्था को मजबूती देने वाला विज्ञान है। उन्होंने कांग्रेस का बिना नाम लिए कहा कि कुछ समय ऐसा भी रहा कि जब तमाम तरह के शोध होने चाहिए थे, वह नहीं हो सके। कुछ लोगों ने गाय को लेकर भ्रांतिपूर्ण बयान दिए। गाय के दूध सामान्य करार देने के साथ गोमूत्र पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2007 में पशुपालन मंत्री रहने के दौरान उन्होंने गोमूत्र पर शोध कराया तो गोमूत्र के बारे में लिखी थी सभी बातें प्रमाणिक तौर पर सामने आई। उन्होंने कहा कि पतंजलि में प्रतिदिन एक लाख लीटर गोमूत्र एकत्रित होता है। इससे तमाम व्याधियां दूर होती है। कहा कि जब गो माता सांस छोड़ती है तब वह ऑक्सीजन देती है। कहा कि केंद्र सरकार गो ग्राम, गो रक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गोवंश बचाने के लिए हरिद्वार के साथ देहरादून, ऊधमसिंहनगर में गो तस्करी रोकने के लिए विशेष एस्कार्ट बनाया है। गोवंश में सुधार के लिए ऋषिकेश में 50 करोड़ का सेंटर बनाया जा रहा है। उन्होंने फसलों की बुआई के लिए रसायन के बजाय गोबर की खाद का इस्तेमाल करने से फसलों की उपज के लिए उपयोग कर सकते हैं।
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जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने गोवंश बचाने और संवर्द्धन के बारे में जानकारी देते हुए पौराणिक मान्यता बताई। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री दिनेश चंद्र ने भी विचार रखे। समारोह का संचालन बजरंग दल के नेता और गोरक्षा तीर्थ समिति के महामंत्री अनुज वालिया एवं देवेंद्र प्रधान ने किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, प्रदीप बत्रा, स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, आदेश चौहान, सुरेश राठौर, मेयर मनोज गर्ग, जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह चौहान, विकास तिवारी, नरेश शर्मा, कामनी सडाना, योगेश चौहान, डा. विनोद आर्य, रविंद्र चौधरी, अनिल सैनी, सौरभ चौहान, नागेंद्र सक्सेना, सचिन चौहान समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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यह हुए सम्मानित
राजेंद्र सिंह, सतीश, ठाकुर दत्त शर्मा, सेठपाल सिंह, जतिन, रामपाल, महंत रवि सिंह, पवन सैनी, समय सिंह चौहान, विकास, धर्मसिंह सैनी, हुकुम सिंह, निटू, सुभाषचंद, सुशील चौहान, सतीश चौहान, तुषार गुप्ता, कन्हैया खेवड़िया, संजय गुप्ता, जगदीश गिरि, तन्नू वालिया, विक्रम गुप्ता, जयंत विश्नोई, डिंपी, ललित चौहान, रोहताश चौहान, डा. सतीश चौहान, अनुज चौहान, जगराम सिंह चौहान, मुकेश चौहान, वेदप्रकाश चौहान, विनोद चौहान, संजय कुमार, पृथ्वी सिंह, विक्रम सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह चौहान, सरदार विधु मिश्रपुरी, दयावती, सत्यपाल, दिनेश चौहान, गुड्डो देवी, अंकित चौहान, विकास चौहान, इंद्रपाल सिंह, शिमला देवी, सोनू, अनिल, मोनी आदि को प्रशस्ति पत्र देकर शामिल किया।
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