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नगर निगम 46 बकायादारों को भेजा अंतिम नोटिस
Updated Fri, 12 Jan 2018 12:09 AM IST
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हरिद्वार। नगर निगम ने संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले 50 हजार रुपये वार्षिक से अधिक के 46 बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया की ओर से जारी नोटिसों में बकायेदारों को 14 दिन का वक्त दिया गया है। इसके बाद उनकी आरसी जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी।
इन नोटिसों में कुल बकाया एक करोड़ 30 लाख रुपये है। सभी व्यावसायिक संपत्तियों को होटलों के हैं। कई और बड़े बकायेदारों के नाम के नोटिस अभी तैयार किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2015 से स्वैच्छिक मूल्यांकन फार्म लेने के बाद उन्हें जमा नहीं करने वालों की संपत्ति का एसेस्मेंट नगर निगम द्वारा किया गया है। यदि किसी बकायेदार को किसी प्रकार की आपत्ति होगी तो 14 दिन की नोटिस अवधि में नगर निगम में आकर अपना पक्ष रख सकता है। इसके बाद कोई सुुनवाई नहीं होगी को आरसी वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। ज्वालापुर व मध्य हरिद्वार क्षेत्र में 7-7 बड़े व्यावसायिक बकायेदारों को नोटिस भेजे गए हैं। जबकि सर्वाधिक 32 नोटिस हरिद्वार क्षेत्र के व्यवसायियों के हैं। बकायेदारों को भेजे जा रहे अंतिम नोटिस में भारतीय खाद्य निगम को फूड कारपोरेशन लि आरएफसी को तीन साल 7 लाख 59 हजार रुपये, होटल ग्रेड शिवा को 7 लाख 50 हजार रुपये और गुरुकुल कांगड़ी फार्मेसी को भी तीन साल के बकाये का 7 लाख 50 हजार रुपये का नोटिस थमाया जा रहा है। बड़े बकायेदारों में कुछ राजनीतिक रसूखदार व सफेदपोश व्यवसायी भी शामिल हैैं। नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्ष 2015 से उनके द्वारा स्वकर निर्धारण का फार्म और संपत्ति कर जमा नहीं कराया गया है। इसलिए नगर निगम ने स्वयं संपत्ति कर निर्धारित कर वसूली की कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम अधिनियम के अंतर्गत नगर निगम को बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करने का भी अधिकार है। इस अधिकार का भी उपयोग किया जाएगा यदि बकायेदारों ने नोटिस बाद भी बकाया जमा नहीं किया तो आरसी के साथ कुर्की की भी कार्रवाई की जाएगी।
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इन नोटिसों में कुल बकाया एक करोड़ 30 लाख रुपये है। सभी व्यावसायिक संपत्तियों को होटलों के हैं। कई और बड़े बकायेदारों के नाम के नोटिस अभी तैयार किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2015 से स्वैच्छिक मूल्यांकन फार्म लेने के बाद उन्हें जमा नहीं करने वालों की संपत्ति का एसेस्मेंट नगर निगम द्वारा किया गया है। यदि किसी बकायेदार को किसी प्रकार की आपत्ति होगी तो 14 दिन की नोटिस अवधि में नगर निगम में आकर अपना पक्ष रख सकता है। इसके बाद कोई सुुनवाई नहीं होगी को आरसी वसूली के लिए जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। ज्वालापुर व मध्य हरिद्वार क्षेत्र में 7-7 बड़े व्यावसायिक बकायेदारों को नोटिस भेजे गए हैं। जबकि सर्वाधिक 32 नोटिस हरिद्वार क्षेत्र के व्यवसायियों के हैं। बकायेदारों को भेजे जा रहे अंतिम नोटिस में भारतीय खाद्य निगम को फूड कारपोरेशन लि आरएफसी को तीन साल 7 लाख 59 हजार रुपये, होटल ग्रेड शिवा को 7 लाख 50 हजार रुपये और गुरुकुल कांगड़ी फार्मेसी को भी तीन साल के बकाये का 7 लाख 50 हजार रुपये का नोटिस थमाया जा रहा है। बड़े बकायेदारों में कुछ राजनीतिक रसूखदार व सफेदपोश व्यवसायी भी शामिल हैैं। नोटिस में स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्ष 2015 से उनके द्वारा स्वकर निर्धारण का फार्म और संपत्ति कर जमा नहीं कराया गया है। इसलिए नगर निगम ने स्वयं संपत्ति कर निर्धारित कर वसूली की कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम अधिनियम के अंतर्गत नगर निगम को बकायेदारों की संपत्ति कुर्क करने का भी अधिकार है। इस अधिकार का भी उपयोग किया जाएगा यदि बकायेदारों ने नोटिस बाद भी बकाया जमा नहीं किया तो आरसी के साथ कुर्की की भी कार्रवाई की जाएगी।
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