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17 किलोमीटर इलाके में टूटी हुई है सोलर फेंसिंग
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जगजीतपुर से फतवा तक लगाई 17 किलोमीटर लंबी ऊर्जा तारबाड़ देखरेख के अभाव में टूटी पड़ी है और जंगली जानवर आबादी की तरफ रुख कर रहे हैं। जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ लोगों की जान को भी खतरा बना है।
वन्यजीवों को आबादी वाले इलाके में आने से रोकने के लिए जगजीतपुर से फतवा लगभग 17 किलोमीटर के इलाके में वन विभाग ने ऊर्जा तारबाड़ लगाई गई थी। फेंसिंग लगने के बाद वन्यजीवों की चहलकदमी काफी हद तक कम हुई थी। ऊर्जा तारबाड़ की देखरेख नहीं होने से कुछ जगह पर खराब हो गई या फिर टूट गई। ऊर्जा तारबाड़ में करंट नहीं होने से जंगली जानवर पहले की तरह आबादी की तरफ आने लगे हैं। जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जगजीतपुर, मिस्सरपुर, अजीतपुर, कुंडी, बिशनपुर से लेकर लक्सर के फतवा तक रोजाना हाथी के झुंड ग्रामीणों की गन्ने आदि की फसल को चट कर जाते हैं। हाथी के अलावा नील गाय और सूअर भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
लगभग 17 किलोमीटर में लगी सोलर फेंसिंग को सही करने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट आने के बाद ही सोलर फेंसिंग लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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- आकाश वर्मा, डीएफओ, हरिद्वार
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जगजीतपुर से फतवा तक लगाई 17 किलोमीटर लंबी ऊर्जा तारबाड़ देखरेख के अभाव में टूटी पड़ी है और जंगली जानवर आबादी की तरफ रुख कर रहे हैं। जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ लोगों की जान को भी खतरा बना है।
वन्यजीवों को आबादी वाले इलाके में आने से रोकने के लिए जगजीतपुर से फतवा लगभग 17 किलोमीटर के इलाके में वन विभाग ने ऊर्जा तारबाड़ लगाई गई थी। फेंसिंग लगने के बाद वन्यजीवों की चहलकदमी काफी हद तक कम हुई थी। ऊर्जा तारबाड़ की देखरेख नहीं होने से कुछ जगह पर खराब हो गई या फिर टूट गई। ऊर्जा तारबाड़ में करंट नहीं होने से जंगली जानवर पहले की तरह आबादी की तरफ आने लगे हैं। जंगली जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जगजीतपुर, मिस्सरपुर, अजीतपुर, कुंडी, बिशनपुर से लेकर लक्सर के फतवा तक रोजाना हाथी के झुंड ग्रामीणों की गन्ने आदि की फसल को चट कर जाते हैं। हाथी के अलावा नील गाय और सूअर भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
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लगभग 17 किलोमीटर में लगी सोलर फेंसिंग को सही करने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट आने के बाद ही सोलर फेंसिंग लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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- आकाश वर्मा, डीएफओ, हरिद्वार