{"_id":"5c59d0e2bdec22270200d6fa","slug":"71549390050-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबसे अधिक शौचालयों का शहर बनेगा हरिद्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबसे अधिक शौचालयों का शहर बनेगा हरिद्वार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में नगर निगम गंगा घाटों के समीप व मेला क्षेत्र में आधुनिक 40, 20 व 10 शीट्स वाले शौचालय कांपलेक्स बनाने की डीपीआर शहरी विकास शासन को भेजी है।
गंगा घाट और मेला क्षेत्र में पुराने शौचालयों के साथ 300 शीट्स के शौचालय उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही गंगा घाटों के साथ श्रद्धालुओं के लिए बने प्लेटफार्मों में एक सौ चेजिंग रूम भी बनाए जाने की योजना है। दस चेजिंग रूम बन भी चुके हैं, जिन्हें जल्दी घाटों पर लगाए जाने की तैयारी है। गंगा को प्रदूषित होने से बचाने और उसके आसपास खुले में शौच करने न जाए को ध्यान में रखकर यह योजना बनाई गई है। हाईकोर्ट ने शौचालय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दे हुआ है। नगर निगम ने शौचालयों की जगह चिह्नित कर दी है। तीन करोड़ रुपये से अधिक लागत की इन दो योजनाओं की डीपीआर शहरी विकास शासन को भेजी जा चुकी है। शौचालयों की डीपीआर लगभग 2 करोड़ 75 लाख की है और एक सौ चेजिंग रूम की डीपीआर लगभग 40 लाख रुपये की है। कमिश्नर गढ़वाल की बैठक में भी इस योजना पर मुहर लग चुकी है।
एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में नगर निगम ने नए शौचालय कांपलेक्स बनाने के लिए सर्वे कर स्थान चिह्नित कर दिए हैं। 2 करोड़ 75 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए चिह्नित स्थलों में शौचालय निर्माण की एनओसी देने के लिए पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
- संजय कुमार, सहायक नगर आयुक्त
गंगा घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के लिए एक सौ चेजिंग रूम बनाए जाने हैं। यह भी हाईकोर्ट के आदेश के क्रम बनाए जाने हैं। शासन से योजना का बजट तो अभी नहीं आया है, लेकिन नगर निगम ने दस चेजिंग रूम तैयार करा दिए हैं, जिन्हें उठवाकर चिन्हित स्थानों पर रखवाया जाना है।
- अनंत कुमार सैनी, प्रभारी अधिशासी अभियंता नगर निगम
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में नगर निगम गंगा घाटों के समीप व मेला क्षेत्र में आधुनिक 40, 20 व 10 शीट्स वाले शौचालय कांपलेक्स बनाने की डीपीआर शहरी विकास शासन को भेजी है।
गंगा घाट और मेला क्षेत्र में पुराने शौचालयों के साथ 300 शीट्स के शौचालय उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही गंगा घाटों के साथ श्रद्धालुओं के लिए बने प्लेटफार्मों में एक सौ चेजिंग रूम भी बनाए जाने की योजना है। दस चेजिंग रूम बन भी चुके हैं, जिन्हें जल्दी घाटों पर लगाए जाने की तैयारी है। गंगा को प्रदूषित होने से बचाने और उसके आसपास खुले में शौच करने न जाए को ध्यान में रखकर यह योजना बनाई गई है। हाईकोर्ट ने शौचालय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आदेश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दे हुआ है। नगर निगम ने शौचालयों की जगह चिह्नित कर दी है। तीन करोड़ रुपये से अधिक लागत की इन दो योजनाओं की डीपीआर शहरी विकास शासन को भेजी जा चुकी है। शौचालयों की डीपीआर लगभग 2 करोड़ 75 लाख की है और एक सौ चेजिंग रूम की डीपीआर लगभग 40 लाख रुपये की है। कमिश्नर गढ़वाल की बैठक में भी इस योजना पर मुहर लग चुकी है।
विज्ञापन
एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में नगर निगम ने नए शौचालय कांपलेक्स बनाने के लिए सर्वे कर स्थान चिह्नित कर दिए हैं। 2 करोड़ 75 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए चिह्नित स्थलों में शौचालय निर्माण की एनओसी देने के लिए पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
- संजय कुमार, सहायक नगर आयुक्त
गंगा घाटों पर महिला श्रद्धालुओं के लिए एक सौ चेजिंग रूम बनाए जाने हैं। यह भी हाईकोर्ट के आदेश के क्रम बनाए जाने हैं। शासन से योजना का बजट तो अभी नहीं आया है, लेकिन नगर निगम ने दस चेजिंग रूम तैयार करा दिए हैं, जिन्हें उठवाकर चिन्हित स्थानों पर रखवाया जाना है।
- अनंत कुमार सैनी, प्रभारी अधिशासी अभियंता नगर निगम