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जिला अस्पताल में बनेगा असाध्य मर्ज के मरीजों के लिए वार्ड
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:00 AM IST
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हरिद्वार। जिला अस्पताल में असाध्य मर्ज के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। जिसमें कैंसर, लीवर, किडनी, हृदय रोगों से पीड़ित मरीज को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इस वार्ड में ऑक्सीजन के साथ अन्य सुविधाएं इमरजेंसी की तरह होंगी। यह वार्ड एक महीने के अंदर तैयार हो जाएगा।
जिला अस्पताल में एसीएमओ डा. एचडी शाक्य ने बुधवार को निरीक्षण करते हुए अस्तपाल में मौजूद समस्त सुविधाओं का को परखा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। उस वार्ड में अधिकतम पांच बेड की सुविधा होगी। वार्ड में कैंसर, लीवर, किडनी और हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। वार्ड में ऑक्सीजन, अलग से दवा वितरण काउंटर, ओपीडी, आईपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, माइनर प्रोसिजर रूम, सीपीआर रूम, ईसीजी रूम, इमरजेंसी एक्स-रे, लैब इनवेस्टीगेशन आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इकाई में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा।
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इमरजेंसी का किया कायाकल्प
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का कायाकल्प कर दिया है। एक कमरे में जगह कम होने पर अब दो कक्षों को एक साथ मिलाकर चलाया जा रहा है। जिसमें डॉक्टरों का सिटिंग प्लान बदलते हुए व मुख्य कक्ष में दो बेड लगाकर गंभीर मरीज के लिए सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डा. आरती ढौंढियाल ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इमरजेंसी का भौतिक स्वरूप बदल दिया गया है। इससे मरीजों के इलाज में आसानी हो और एक साथ चार से अधिक गंभीर मरीजों को उपचार किया जा सकेगा।
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जिला अस्पताल में एसीएमओ डा. एचडी शाक्य ने बुधवार को निरीक्षण करते हुए अस्तपाल में मौजूद समस्त सुविधाओं का को परखा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। उस वार्ड में अधिकतम पांच बेड की सुविधा होगी। वार्ड में कैंसर, लीवर, किडनी और हृदय रोग जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाएगा। वार्ड में ऑक्सीजन, अलग से दवा वितरण काउंटर, ओपीडी, आईपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, माइनर प्रोसिजर रूम, सीपीआर रूम, ईसीजी रूम, इमरजेंसी एक्स-रे, लैब इनवेस्टीगेशन आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इकाई में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा।
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इमरजेंसी का किया कायाकल्प
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का कायाकल्प कर दिया है। एक कमरे में जगह कम होने पर अब दो कक्षों को एक साथ मिलाकर चलाया जा रहा है। जिसमें डॉक्टरों का सिटिंग प्लान बदलते हुए व मुख्य कक्ष में दो बेड लगाकर गंभीर मरीज के लिए सुविधाएं शुरू कर दी गई हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डा. आरती ढौंढियाल ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इमरजेंसी का भौतिक स्वरूप बदल दिया गया है। इससे मरीजों के इलाज में आसानी हो और एक साथ चार से अधिक गंभीर मरीजों को उपचार किया जा सकेगा।
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