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धर्मनगरी में अब कोई नही कर रहा खुले में शौच
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:28 AM IST
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हरिद्वार। हरिद्वार देश के उन चुनिंदा शहरों में शुमार हो गया है जहां अब शहर में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नही कर रहा है। केंद्र सरकार के क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने हरिद्वार समेत राज्य के 22 शहरों को ओडीएफ सिटी का दर्जा दे दिया है। केंद्र सरकार से यह सर्टिफिकेट मिलने के बाद इसे शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हरिद्वार में देहात क्षेत्र को पहले ही ओडीएफ घोषित किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार देश के सभी शहरों और गांवों को खुले में शौचालय करने से मुक्त करना चाहती है। जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के जरिए तमाम कार्यक्रम चलाए जा रहे है जिसके तहत शहर से लेकर देहात तक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। हरिद्वार नगर निगम ने शहर के तमाम इलाकों में सार्वजनिक और निजी शौचालयों के निर्माण के बाद ओडीएफ सिटी बनाए जाने का दावा किया था। आखिरकार केंद्र सरकार के क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया की टीम ने कई दिनों तक शहर के तमाम इलाकों का भ्रमण कर सर्वे किया। आखिरकार टीम की रिपोर्ट के आधार पर हरिद्वार शहर को ओडीएफ घोषित किया गया।
नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि साल 2011 के मानकों के अनुसार सर्वे में तमाम चीजें दुरुस्त पायी गई है। हरिद्वार समेत राज्य के 25 शहरों को ओडीएफ घोषित किया गया है जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। राज्य सरकार की ओर से 31 मार्च 2018 तक पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित किया जाना है। राज्य के देहात क्षेत्र को पहले ही ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। जबकि शहरों को ओडीएफ घोषित किया जाना है।
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वैसे तो क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया ने हरिद्वार को ओडीएफ घोषित कर दिया है लेकिन नगर निगम प्रशासन शहर में और अधिक सार्वजनिक व निजी शौचालयों की योजना बना रहा है। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का कहना है कि वैसे तो शहर में 60 सार्वजनिक शौचालय हैं लेकिन शहरियों के साथ ही देश के कोने कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शौचालय की दिक्कत न हो इसके लिए अभी और अधिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे जिसके लिए निजी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
शहर को ओडीएफ घोषित किए जाने के बाद अब नगर निगम के अफसर भी और हरकत में आए हैं। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का कहना है कि यदि शहर के किसी भी इलाके में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ एनजीटी प्रावधानों के तहत पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार देश के सभी शहरों और गांवों को खुले में शौचालय करने से मुक्त करना चाहती है। जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के जरिए तमाम कार्यक्रम चलाए जा रहे है जिसके तहत शहर से लेकर देहात तक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। हरिद्वार नगर निगम ने शहर के तमाम इलाकों में सार्वजनिक और निजी शौचालयों के निर्माण के बाद ओडीएफ सिटी बनाए जाने का दावा किया था। आखिरकार केंद्र सरकार के क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया की टीम ने कई दिनों तक शहर के तमाम इलाकों का भ्रमण कर सर्वे किया। आखिरकार टीम की रिपोर्ट के आधार पर हरिद्वार शहर को ओडीएफ घोषित किया गया।
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नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि साल 2011 के मानकों के अनुसार सर्वे में तमाम चीजें दुरुस्त पायी गई है। हरिद्वार समेत राज्य के 25 शहरों को ओडीएफ घोषित किया गया है जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। राज्य सरकार की ओर से 31 मार्च 2018 तक पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित किया जाना है। राज्य के देहात क्षेत्र को पहले ही ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। जबकि शहरों को ओडीएफ घोषित किया जाना है।
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वैसे तो क्वालिटी कंट्रोल आफ इंडिया ने हरिद्वार को ओडीएफ घोषित कर दिया है लेकिन नगर निगम प्रशासन शहर में और अधिक सार्वजनिक व निजी शौचालयों की योजना बना रहा है। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का कहना है कि वैसे तो शहर में 60 सार्वजनिक शौचालय हैं लेकिन शहरियों के साथ ही देश के कोने कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शौचालय की दिक्कत न हो इसके लिए अभी और अधिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे जिसके लिए निजी संस्थाओं की भी मदद ली जाएगी।
शहर को ओडीएफ घोषित किए जाने के बाद अब नगर निगम के अफसर भी और हरकत में आए हैं। नगर आयुक्त नितिन भदौरिया का कहना है कि यदि शहर के किसी भी इलाके में कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ एनजीटी प्रावधानों के तहत पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।