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हरिद्वार में की थी दो से दौ सो सीट की घोषणा
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:01 AM IST
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हरिद्वार। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हरिद्वार में कई चुनावी सभाएं भी की थी। चुनावी राजनीति से इतर भी हरिद्वार से उनका गहरा नाता था। पुराने राजनीतिक जानकार बताते हैं कि अटल ने कभी दो सीट लाने वाली भाजपा को जल्दी ही स्वर्णिम भविष्य वाली पार्टी बताया था और दो सौ सीटों तक पहुंचने की बात कही थी और उनकी यह भविष्यवाणी सच हुई ।
वर्ष 1985 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी एक सभा को संबोधित करने के लिए हरिद्वार आए थे। उस समय भाजपा के नगर अध्यक्ष रहे अशोक त्रिपाठी और महामंत्री विमल कुमार बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए उस समय काफी क्रेज था और दूर दूर से लोग उन्हें सुनने के लिए आए हुए थे, जबकि उस समय संसद में भाजपा के केवल दो ही सीट थी। उस जनसभा में अटल ने घोषणा की थी कि आज भले ही भाजपा की दो ही सीट हों, लेकिन आने वाला भविष्य हमारा ही है। भाजपा दो सौ सीटों का आंकड़ा भी छूएगी।
अशोक त्रिपाठी बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण में ऐसा आकर्षण था कि श्रोता उनके भाषण में खो जाते थे। विमल कुमार ने बताया कि हरिद्वार के जनसंघ और भाजपा से जुड़े लोगों से अटल बिहारी का काफी लगाव था और वह सभी से नाम सहित परिचित थे। हरिद्वार प्रवास के दौरान विमल कुमार के परिवार को घर पर भी उनकी मेजबानी का अवसर मिला। वे अक्सर अपनी सामान्य चर्चाओं में हरिद्वार के आध्यात्मिक महत्व की चर्चा किया करते थे। हरिद्वार के पूर्व विधायक रहे राजकुमार शर्मा तरुण से भी पूर्व प्रधानमंत्री की काफी नजदीकी थी। दिवंगत राजकुमार शर्मा के पुत्र राजीव लोचन शर्मा के अनुसार सक्रिय नेता के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी और उनके पिता राजकुमार शर्मा सक्रिय पत्रकार भी रहे। दैनिक वीर अर्जुन के संपादक रहते हुए वाजपेयी ने ही उनके पिता को हरिद्वार का संवाददाता नामित करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किया था।
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वर्ष 1985 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी एक सभा को संबोधित करने के लिए हरिद्वार आए थे। उस समय भाजपा के नगर अध्यक्ष रहे अशोक त्रिपाठी और महामंत्री विमल कुमार बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए उस समय काफी क्रेज था और दूर दूर से लोग उन्हें सुनने के लिए आए हुए थे, जबकि उस समय संसद में भाजपा के केवल दो ही सीट थी। उस जनसभा में अटल ने घोषणा की थी कि आज भले ही भाजपा की दो ही सीट हों, लेकिन आने वाला भविष्य हमारा ही है। भाजपा दो सौ सीटों का आंकड़ा भी छूएगी।
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अशोक त्रिपाठी बताते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण में ऐसा आकर्षण था कि श्रोता उनके भाषण में खो जाते थे। विमल कुमार ने बताया कि हरिद्वार के जनसंघ और भाजपा से जुड़े लोगों से अटल बिहारी का काफी लगाव था और वह सभी से नाम सहित परिचित थे। हरिद्वार प्रवास के दौरान विमल कुमार के परिवार को घर पर भी उनकी मेजबानी का अवसर मिला। वे अक्सर अपनी सामान्य चर्चाओं में हरिद्वार के आध्यात्मिक महत्व की चर्चा किया करते थे। हरिद्वार के पूर्व विधायक रहे राजकुमार शर्मा तरुण से भी पूर्व प्रधानमंत्री की काफी नजदीकी थी। दिवंगत राजकुमार शर्मा के पुत्र राजीव लोचन शर्मा के अनुसार सक्रिय नेता के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी और उनके पिता राजकुमार शर्मा सक्रिय पत्रकार भी रहे। दैनिक वीर अर्जुन के संपादक रहते हुए वाजपेयी ने ही उनके पिता को हरिद्वार का संवाददाता नामित करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किया था।
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