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अवैध निर्माण का नया तरीका
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:19 PM IST
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हरिद्वार।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की मिलीभगत से लोगों ने अवैध निर्माण का नया तरीका ईजाद कर लिया है। अवैध निर्माण करने वाले अब सप्ताह के चार दिन में आरसीसी के पिलर खड़े करते हैं और फिर अवकाश वाले शनिवार को सटरिंग कराते हैं और रविवार को लेंटर डालते हैं।
ऐसे निर्माणों को रोकने के लिए जब भी कोई सामाजिक कार्यकर्ता प्राधिकरण के अधिकारियों व इंजीनियरों को सूचना देते हैं तो उनका जवाब होता है कि आज तो छुट्टी है, सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। सोमवार कभी आता नहीं है। अवैध निर्माण की सूचना पर प्राधिकरण का अमला तब तक हिलता नहीं है जब तक लेंटर डालने का काम पूरा नहीं हो जाता है। इस प्रकार के कई अवैध निर्माणों को गिनाया जा सकता है जिनके बारे में अधिकारियों को पल-पल की सूचना दी जाती रही है। रेत, बजरी, ईंट और सटरिंग का सामान सरिया आने तक की सूचना दिए जाने की बाद भी प्राधिकरण हिलता नहीं है। हरकी पैड़ी कांगड़ा मंदिर सामने पीडब्ल्यूडी की सीढ़ियों के साथ कई दिन से काम चल रहा है। इस डेंजर जोन में कई मंजिलें अवैध निर्माण करा दिए गए हैं। भीमगोडा रोड गंगा किनारे दुकानों के साथ ही कई मंजिला अवैध निर्माण कराया जा चुका हैं। खड़खड़ी में एक धर्मशाला में चौथी मंजिल पर लेंटर डलवा दिया गया है। भूपतवाला में भट्ठा कालोनी, पीपलवाली गली में शनिवार व रविवार को लेंटर डलवा दिया गया है। पीपलवाली गली में तो दूसरी मंजिल का भी लेंटर डाल दिया गया है और छज्जा सड़क पर निकाल दिया गया है। इसी क्षेत्र में हाईवे पर ही एक विवादित भूमि पर हाईवे की तरफ पर्दा डालकर व्यावसायिक अवैध निर्माण पूरा करा दिया गया है।
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अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण को नियमानुसार ही कार्रवाई करनी होती है। सूचना मिलने पर अवर अभियंता को मौके पर भेजा जाता है। निर्माण की स्थिति को लेकर उसकी रिपोर्ट पर ही कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है। अवैध निर्माण रोकने के लिए नोटिस देना होता है, सुनवाई का मौका दिया जाता है इस दौरान भी निर्माण जारी रहता है और लेंटर डाल दिया जाता है तो फिर सीलिंग की कार्रवाई की जाती है। इस प्रकार के कई निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया चल भी रही है।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की मिलीभगत से लोगों ने अवैध निर्माण का नया तरीका ईजाद कर लिया है। अवैध निर्माण करने वाले अब सप्ताह के चार दिन में आरसीसी के पिलर खड़े करते हैं और फिर अवकाश वाले शनिवार को सटरिंग कराते हैं और रविवार को लेंटर डालते हैं।
ऐसे निर्माणों को रोकने के लिए जब भी कोई सामाजिक कार्यकर्ता प्राधिकरण के अधिकारियों व इंजीनियरों को सूचना देते हैं तो उनका जवाब होता है कि आज तो छुट्टी है, सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। सोमवार कभी आता नहीं है। अवैध निर्माण की सूचना पर प्राधिकरण का अमला तब तक हिलता नहीं है जब तक लेंटर डालने का काम पूरा नहीं हो जाता है। इस प्रकार के कई अवैध निर्माणों को गिनाया जा सकता है जिनके बारे में अधिकारियों को पल-पल की सूचना दी जाती रही है। रेत, बजरी, ईंट और सटरिंग का सामान सरिया आने तक की सूचना दिए जाने की बाद भी प्राधिकरण हिलता नहीं है। हरकी पैड़ी कांगड़ा मंदिर सामने पीडब्ल्यूडी की सीढ़ियों के साथ कई दिन से काम चल रहा है। इस डेंजर जोन में कई मंजिलें अवैध निर्माण करा दिए गए हैं। भीमगोडा रोड गंगा किनारे दुकानों के साथ ही कई मंजिला अवैध निर्माण कराया जा चुका हैं। खड़खड़ी में एक धर्मशाला में चौथी मंजिल पर लेंटर डलवा दिया गया है। भूपतवाला में भट्ठा कालोनी, पीपलवाली गली में शनिवार व रविवार को लेंटर डलवा दिया गया है। पीपलवाली गली में तो दूसरी मंजिल का भी लेंटर डाल दिया गया है और छज्जा सड़क पर निकाल दिया गया है। इसी क्षेत्र में हाईवे पर ही एक विवादित भूमि पर हाईवे की तरफ पर्दा डालकर व्यावसायिक अवैध निर्माण पूरा करा दिया गया है।
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अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण को नियमानुसार ही कार्रवाई करनी होती है। सूचना मिलने पर अवर अभियंता को मौके पर भेजा जाता है। निर्माण की स्थिति को लेकर उसकी रिपोर्ट पर ही कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है। अवैध निर्माण रोकने के लिए नोटिस देना होता है, सुनवाई का मौका दिया जाता है इस दौरान भी निर्माण जारी रहता है और लेंटर डाल दिया जाता है तो फिर सीलिंग की कार्रवाई की जाती है। इस प्रकार के कई निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया चल भी रही है।
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