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आर्थिक लाभ के साथ टिकाऊ अवधारणा को दें विशेष महत्व: डॉ चिन्मय
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विवि के शिक्षाशास्त्र विभाग ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह मनाया। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि 21वीं सदीं में सबसे पहले जीवन या घटना के हर आयाम में टिकाऊ प्रकृति अपनानी होगी। किसी भी कार्य अथवा उत्पादन में यह ध्यान रखना होगा कि आर्थिक लाभ के साथ-साथ टिकाऊ अवधारणा को विशेष महत्व दिया जाए।
कुलसचिव बलदाऊ देवांगन ने कहा कि बीएड के छात्रों ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह में जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है यह उनके भविष्य के प्रति लगन को दर्शाता है। बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता ने बताया कि सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ उत्पादकता एवं उसमें स्थायित्व विषय पर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को चहुंमुखी विकास के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि स्लोगन, पेंटिंग, निबंध और क्वीज आदि प्रतियोगिता हुई। इसमें श्रद्धा, सुमन, अंजलि, हर्ष, महिमा भाटी और प्रशंसा ने प्रथम स्थान हासिल किया। आयुषी, शिवानी, आशुतोष, कुसुमलता और आयुष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, क्विज प्रतियोगिता में वशिष्ट ग्रुप को पहला और कणाद और आपला ग्रुप को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। शिविर समन्वयक के अनुसार कार्यक्रम के दौरान छात्र और अध्यापकों ने श्रमदान किया। समापन अवसर पर कुलसचिव बलदाऊ देवांगन और बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ ममता ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
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राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विवि के शिक्षाशास्त्र विभाग ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह मनाया। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि 21वीं सदीं में सबसे पहले जीवन या घटना के हर आयाम में टिकाऊ प्रकृति अपनानी होगी। किसी भी कार्य अथवा उत्पादन में यह ध्यान रखना होगा कि आर्थिक लाभ के साथ-साथ टिकाऊ अवधारणा को विशेष महत्व दिया जाए।
कुलसचिव बलदाऊ देवांगन ने कहा कि बीएड के छात्रों ने राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह में जिस तरह उत्साहपूर्वक भाग लिया है यह उनके भविष्य के प्रति लगन को दर्शाता है। बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ. ममता ने बताया कि सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ उत्पादकता एवं उसमें स्थायित्व विषय पर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को चहुंमुखी विकास के लिए प्रेरित किया गया। बताया कि स्लोगन, पेंटिंग, निबंध और क्वीज आदि प्रतियोगिता हुई। इसमें श्रद्धा, सुमन, अंजलि, हर्ष, महिमा भाटी और प्रशंसा ने प्रथम स्थान हासिल किया। आयुषी, शिवानी, आशुतोष, कुसुमलता और आयुष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, क्विज प्रतियोगिता में वशिष्ट ग्रुप को पहला और कणाद और आपला ग्रुप को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला। शिविर समन्वयक के अनुसार कार्यक्रम के दौरान छात्र और अध्यापकों ने श्रमदान किया। समापन अवसर पर कुलसचिव बलदाऊ देवांगन और बीएड की विभागाध्यक्षा डॉ ममता ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
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