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हरिद्वार से देहरादून हाइवे पर नहीं बनी बात
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:57 PM IST
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हरिद्वार। हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 का चौड़ीकरण का काम पूरा कराने को लेकर एरा इंफ्रास्ट्रक्चर और एनएचएआई के बीच बात नहीं बन पाई है। एनएचएआई ने एरा के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीएस गुसाईं ने फोन पर यह जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएआई मुख्यालय दिल्ली में ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया चल रही है। इसमें 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि एरा को दिए गए टर्मिनेशन की अवधि मई में समाप्त हो चुकी थी इसलिए नई कंपनी को ठेका देने के लिए ई-टेंडरिंग की तैयारी है। अब हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा करने के लिए लोगों को अब और इंतजार करना पड़ेगा।
दूसरी तरफ, मुजफ्फनगर से हरिद्वार तक एनएच 58 के टर्मिनेशन की अवधि चार जुलाई को समाप्त होनी है। एरा ने फंड की व्यवस्था नहीं की तो हाईवे चौड़ीकरण के काम के लिए नई कंपनी को ठेका देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके विपरीत एरा के बिजनेस हेड डीसी मंडोलिया ने फोन पर कंपनी का पक्ष बताते हुए कहा कि एनएच 72 में टर्मिनेशन के खिलाफ एरा और बैंक ऑफ इंडिया की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 31 मई को हुई थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को न्यायालय से बाहर आपस में फैसला करने की सलाह देते हुए 12 जुलाई की तिथि तय की थी। उन्होंने बताया कि एनएचएआई को ही अब न्यायालय को अपना पक्ष बताना है कि वह क्या चाहता है। क्योंकि बैंक की ओर कह दिया गया था कि हम सहयोग करने का तैयार हैं। बैंक ऑफ इंडिया के साथ पांच और बैंक भी जुड़े हुए हैं और वह फंड देने को तैयार हैं। ऐसी स्थिति में एनएचएआई क्या चाहता है यह तो 12 जुलाई को ही पता चल पाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीएस गुसाईं ने फोन पर यह जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएआई मुख्यालय दिल्ली में ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया चल रही है। इसमें 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि एरा को दिए गए टर्मिनेशन की अवधि मई में समाप्त हो चुकी थी इसलिए नई कंपनी को ठेका देने के लिए ई-टेंडरिंग की तैयारी है। अब हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा करने के लिए लोगों को अब और इंतजार करना पड़ेगा।
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दूसरी तरफ, मुजफ्फनगर से हरिद्वार तक एनएच 58 के टर्मिनेशन की अवधि चार जुलाई को समाप्त होनी है। एरा ने फंड की व्यवस्था नहीं की तो हाईवे चौड़ीकरण के काम के लिए नई कंपनी को ठेका देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके विपरीत एरा के बिजनेस हेड डीसी मंडोलिया ने फोन पर कंपनी का पक्ष बताते हुए कहा कि एनएच 72 में टर्मिनेशन के खिलाफ एरा और बैंक ऑफ इंडिया की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 31 मई को हुई थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को न्यायालय से बाहर आपस में फैसला करने की सलाह देते हुए 12 जुलाई की तिथि तय की थी। उन्होंने बताया कि एनएचएआई को ही अब न्यायालय को अपना पक्ष बताना है कि वह क्या चाहता है। क्योंकि बैंक की ओर कह दिया गया था कि हम सहयोग करने का तैयार हैं। बैंक ऑफ इंडिया के साथ पांच और बैंक भी जुड़े हुए हैं और वह फंड देने को तैयार हैं। ऐसी स्थिति में एनएचएआई क्या चाहता है यह तो 12 जुलाई को ही पता चल पाएगा।
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