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धर्मनगरी में शांति से गुजर गया तूफान
Updated Tue, 08 May 2018 11:57 PM IST
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हरिद्वार।
मौसम विभाग की ओर से तूफान की चेतावनी के बाद शहर से लेकर देहात तक लोग नुकसान की आशंका से डरे सहमे रहे। सोमवार रात को हल्की हवाएं चलने और मंगलवार दिन में भी कोई तूफान नहीं आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रदेश के अन्य इलाकों में बारिश और तेज हवाओं से हरिद्वार का मौसम भी पिछले दिनों के मुकाबले ठंडा रहा।
रविवार को मौसम विभाग ने सोमवार को आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। जिलेे में तो मंगलवार को कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों में छुट्टी तक घोषित करनी पड़ी थी। चेतावनी के बाद सोमवार शाम से ही शहर और देहात के लोग अनहोनी को लेकर सहमे हुए थे। मंगलवार को भी लोगों को डर बना रहा। सोमवार को आधी रात के बाद हरिद्वार में हल्की हवाएं चली और बूंदाबांदी के बाद मौसम शांत हो गया। मंगलवार सुबह को आसमान में फिर घने बादल छा गए। लोगों को दिन में आंधी आने की आशंका थी। इस दौरान हरिद्वार की गलियां पूरी तरह से शांत नजर आई और हरिद्वार का बाजार भी सूना रहा। चंद्राचार्य चौक, अपर रोड, ज्वालापुर के प्रमुख बाजार पूरी तरह से सूने रहे। लोग मौसम की अपडेट लेने को टीवी स्क्रीन से चिपके रहे या फिर वेबसाइटों को खंगालते रहे। एनआरएच रुड़की के मौसम वैज्ञानिकों की माने तो कुछ स्थानों पर बारिश होने से तूफान शांत हो गया है। अब बुधवार से मौसम साफ रहेगा।
एनआईएच रुड़की के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. मनोहर अरोड़ा ने बताया कि इस आंधी तूफान और बारिश की मुख्य वजह जम्मू कश्मीर और हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। साथ ही उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में चक्रवाती हवा चलना भी है। यह दोनों ही मौसम की सामान्य गतिविधि हैं और इस सीजन में हर साल होती हैं। हालांकि, इस साल सोलर हीटिंग बढ़ने और हवा में नमी ज्यादा होने से बार बार ऐसी स्थिति बन रही है। उन्होंने मौसम की ताजा अपडेट की जानकारी देते हुए बताया कि तूफान पूरी तरह से सक्रिय था। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब में चक्रवात तूफान बना, लेकिन रात को दिल्ली, उत्तराखंड के साथ कुछ स्थानों पर हुई बारिश से तूफान कुछ हद तक थम गया।
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यात्रियों की संख्या गिरी
मौसम के बिगड़ने की सूचना सोमवार की सुबह से ही आ रही थी। आशंकाओं पर लोगों ने हरिद्वार में आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। पहाड़ों में गए चारधाम यात्री भी लौटते हुए हरिद्वार में आकर रुक गए थे। वह सभी सुबह को मौसम साफ होने के चलते हुए अपने गंतव्यों को रवाना हो गए। होटल भी खाली हो गए। होटलों के सामने एक भी वाहन खड़ा तक नहीं मिला। होटल मालिक विभाष मिश्रा ने बताया कि दोपहर तक होटल पूरी तरह से खाली हो गए और शाम को यात्री भी रुकने को नहीं आए।
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बिजली गुल होने से रहे परेशान
सोमवार की रात एक बजे तेज हवा चलनी शुरू हुई तो उसी के साथ बिजली भी गुल हो गई। हालांकि हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों में घंटे भर बाद बिजली सुचारु हो गई। भूपतवाला, खड़खड़ी के साथ मध्य हरिद्वार में सुबह तड़के ही बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। इससे लोग पूरी रात परेशान रहे।
मौसम विभाग की ओर से तूफान की चेतावनी के बाद शहर से लेकर देहात तक लोग नुकसान की आशंका से डरे सहमे रहे। सोमवार रात को हल्की हवाएं चलने और मंगलवार दिन में भी कोई तूफान नहीं आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रदेश के अन्य इलाकों में बारिश और तेज हवाओं से हरिद्वार का मौसम भी पिछले दिनों के मुकाबले ठंडा रहा।
रविवार को मौसम विभाग ने सोमवार को आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की थी। जिलेे में तो मंगलवार को कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों में छुट्टी तक घोषित करनी पड़ी थी। चेतावनी के बाद सोमवार शाम से ही शहर और देहात के लोग अनहोनी को लेकर सहमे हुए थे। मंगलवार को भी लोगों को डर बना रहा। सोमवार को आधी रात के बाद हरिद्वार में हल्की हवाएं चली और बूंदाबांदी के बाद मौसम शांत हो गया। मंगलवार सुबह को आसमान में फिर घने बादल छा गए। लोगों को दिन में आंधी आने की आशंका थी। इस दौरान हरिद्वार की गलियां पूरी तरह से शांत नजर आई और हरिद्वार का बाजार भी सूना रहा। चंद्राचार्य चौक, अपर रोड, ज्वालापुर के प्रमुख बाजार पूरी तरह से सूने रहे। लोग मौसम की अपडेट लेने को टीवी स्क्रीन से चिपके रहे या फिर वेबसाइटों को खंगालते रहे। एनआरएच रुड़की के मौसम वैज्ञानिकों की माने तो कुछ स्थानों पर बारिश होने से तूफान शांत हो गया है। अब बुधवार से मौसम साफ रहेगा।
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एनआईएच रुड़की के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. मनोहर अरोड़ा ने बताया कि इस आंधी तूफान और बारिश की मुख्य वजह जम्मू कश्मीर और हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। साथ ही उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में चक्रवाती हवा चलना भी है। यह दोनों ही मौसम की सामान्य गतिविधि हैं और इस सीजन में हर साल होती हैं। हालांकि, इस साल सोलर हीटिंग बढ़ने और हवा में नमी ज्यादा होने से बार बार ऐसी स्थिति बन रही है। उन्होंने मौसम की ताजा अपडेट की जानकारी देते हुए बताया कि तूफान पूरी तरह से सक्रिय था। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब में चक्रवात तूफान बना, लेकिन रात को दिल्ली, उत्तराखंड के साथ कुछ स्थानों पर हुई बारिश से तूफान कुछ हद तक थम गया।
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यात्रियों की संख्या गिरी
मौसम के बिगड़ने की सूचना सोमवार की सुबह से ही आ रही थी। आशंकाओं पर लोगों ने हरिद्वार में आने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। पहाड़ों में गए चारधाम यात्री भी लौटते हुए हरिद्वार में आकर रुक गए थे। वह सभी सुबह को मौसम साफ होने के चलते हुए अपने गंतव्यों को रवाना हो गए। होटल भी खाली हो गए। होटलों के सामने एक भी वाहन खड़ा तक नहीं मिला। होटल मालिक विभाष मिश्रा ने बताया कि दोपहर तक होटल पूरी तरह से खाली हो गए और शाम को यात्री भी रुकने को नहीं आए।
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बिजली गुल होने से रहे परेशान
सोमवार की रात एक बजे तेज हवा चलनी शुरू हुई तो उसी के साथ बिजली भी गुल हो गई। हालांकि हरिद्वार के आसपास के क्षेत्रों में घंटे भर बाद बिजली सुचारु हो गई। भूपतवाला, खड़खड़ी के साथ मध्य हरिद्वार में सुबह तड़के ही बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। इससे लोग पूरी रात परेशान रहे।