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ंगा स्नान करने से होता है मनुष्य के कष्टों का निवारण
Updated Sat, 14 Apr 2018 11:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
दक्षिण काली मंदिर के परमाध्यक्ष स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि गंगा स्नान करने से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण होता है। देश-विदेश से श्रद्धालु धार्मिक पर्वों पर गंगा स्नान कर कष्टों का निवारण करने के लिए गंगा के पास पहुंचते हैं। मां गंगा के जल के आचमन मात्र से जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। परिवारों में सुख समृद्धि का वास होता है।
बैसाखी एवं मेष संक्रांति स्नान पर्व के मौके पर अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में बैसाखी पर्व हर्षोल्लास और उत्साह से मनाया जाता है। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि गोमुख से लेकर गंगा सागर तक मां गंगा निर्मल बहती है। एक समान रूप से सबको अपना आशीर्वाद देती है। धार्मिक क्रियाकलापों से मनुष्य का संसार बदल जाता है, उसका जीवन खुशियों से फलीभूत होता हैं। उन्होंने कहा कि देश- विदेश से आने वाले श्रद्धालु मां गंगा का आचमन कर अपने परिवारों के कल्याण की कामना मां गंगा से करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि गंगा तटों पर मैले कुचले पदार्थ एवं पालिथीन ना फेंके। पुराने कपड़े गंगा घाटों पर ना डाले। मां गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सबकी सहभागिता होनी चाहिए। सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज का आशीर्वाद लेने के साथ ही सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
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