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राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ महायज्ञ का समापन
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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भारत माता जनहित ट्रस्ट, समन्वय सेवा ट्रस्ट और भारत माता मंदिर के तत्वावधान में नौ मार्च से चल रहा श्री भारत माता आराधना महायज्ञ बुधवार को राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने के संकल्प के साथ संपन्न हो गया। इसी के साथ श्रद्घालु लौटने लगे हैं।
यज्ञ के आयोजक और भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने श्रद्घालुओं से पर्यावरण की शुद्धता के लिए पौधरोपण करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए काम करने का आह्नान किया। उन्होंने कहा कि भारत माता आराधना महायज्ञ अपने उद्देश्य में सफल रहा। यहां से पर्यावरण की सुरक्षा करने का संकल्प लेकर जाना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूजा की सामग्री गंगा में प्रवाहित न करने की अपील की और कहा कि गंगा को प्रदूषणमुक्त रखना हम सब का परम कर्तव्य है। जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि यज्ञ भगवान विष्णु का स्वरूप है। इस महायज्ञ के मूल में राष्ट्र का हित समाहित है। इस अवसर पर महायज्ञ के संयोजक आईडी शर्मा शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत किया। यज्ञ की पूर्णाहूति के अवसर पर आध्यत्मिक विभूति प्रसिद्ध कथा व्यास उत्तम स्वामी, स्वामी सुखदेवानन्द, भारत माता के मंदिर श्रीमहंत ललितानन्द गिरि, लाल माता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, राज्यमंत्री विनोद आर्य, पार्षद अनिरूद्ध भाटी, सुरेश केडिया, संतोष अग्रवाल, कैलाश गुप्ता, शरद पुरोहित, डॉ. कृष्णकांत चतुर्वेदी, अभिजीत चतुर्वेदी आदि रहे।
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