फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Kanwar Yatra 2022: 34 killed in 13 days and 261 saved from drowned

Kanwar Yatra 2022: 13 दिन की कांवड़ यात्रा में 34 की मौत, 261 लोगों को डूबने से बचाया

Wed, 27 Jul 2022 07:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 27 Jul 2022 07:28 PM IST
सार

कांवड़ मेले में करोड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। गंगा घाटों से लेकर सड़कों पर हर रोज कांवड़ियों का रेला रहा। बाइकों पर फर्राटा भरते, ओवर स्पीड और ओवरलोड कई कांवड़ियों के वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए।

विज्ञापन
Kanwar Yatra 2022: 34 killed in 13 days and 261 saved from drowned
हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

कांवड़ मेला भले ही सकुशल संपन्न हो गया, लेकिन कई परिवारों को जिंदगी भर न भूलने वाला गम दे गया। मेला अवधि के 13 दिनों में 34 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इनमें कोई सड़क हादसे का शिकार हुआ तो कोई गंगा में स्नान करते वक्त डूब गया। कुछ लोगों ने बीमारी के चलते दम तोड़ा। 261 लोगों को डूबने से भी बचाया गया।

विज्ञापन


कांवड़ मेले में करोड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। गंगा घाटों से लेकर सड़कों पर हर रोज कांवड़ियों का रेला रहा। बाइकों पर फर्राटा भरते, ओवर स्पीड और ओवरलोड कई कांवड़ियों के वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। कई घायलों ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। अधिकतर कांवड़ियों की डूबने या फिर उपचार के दौरान मौत हो गई। दो कांवड़ियों की फेफड़ों में इंफेक्शन से मौत हो गई।
विज्ञापन


Kanwar Yatra 2022: 13 दिन में हरिद्वार आए पौने चार करोड़ कांवड़िए, सैंपलिंग हुई मात्र 1907
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. चंदन मिश्रा के मुताबिक 14 जुलाई से 25 जुलाई तक 34 शवों के पोस्टमार्टम हुए हैं। इनमें सभी शव बाहरी लोगों के थे। इनमें कोई डूबने से कोई सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ। कइयों के शव मोर्चरी से बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंपे गए। इसके लिए परिजनों ने जिला प्रशासन से अनुमति ली थी। नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेंद्र कठैत के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र में नौ लोगों के पोस्टमार्टम हुए हैं।

जल पुलिस और बीईजी आर्मी तैराक दलों ने 261 कांवड़ियों को डूबने से भी बचाया। बीईजी आर्मी तैराक दल के नोडल अधिकारी डॉ. नरेश चौधरी ने बताया कि तैराक दल गंगा घाटों पर तैनात रहे। मंगलवार को ही सात लोगों को डूबने से बचाया गया। इनमें जालंधर निवासी अरुण (17), बागपत निवासी मोनू (24), नई दिल्ली निवासी अमन (18), कुरुक्षेत्र निवासी रमन गिरी (20), सहारनपुर निवासी श्याम (22), मुरादाबाद निवासी संतोष (23) और रोहतक निवासी संदीप (18) शामिल हैं। सभी अलग-अलग घाटों पर स्नान कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed