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तटबंध को अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे को भटक रहे किसान
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सोलानी नदी पर मोहम्मदपुर खादर से याहियापुर तक तटबंध निर्माण योजना में सिंचाई खंड हरिद्वार की ओर से किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं देने से किसानों को अधिकारियों के पास भटकना पड़ रहा है। यही नहीं तीन साल में किसानों को फसल तक का भुगतान तक नहीं मिला।
ग्राम अब्दीपुर और याहियापुर के किसानों की शिकायत है कि मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर वह चार दिन पहले डीएम से मिले थे। तब सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी भी वहां उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने उन्हें किसानों का भुगतान तुरंत करने के निर्देश दिए थे। तब अधिशासी अभियंता ने दो दिन में भुगतान कराने का आश्वासन देकर सोमवार को चेक लेने के लिए बुलाया था। ग्राम प्रधान राजपाल ने बताया कि सोमवार को उसके साथ मांगेराम बरकत, विक्रम, मन्नू व खड़क सिंह भूमि मुआवजा के चेक लेने अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे, लेकिन कई घंटे तक उन्हें मिलने ही नहीं दिया गया। वायदे के मुताबिक मुआवजे के चेक देने का अनुरोध करने पर रवह भड़क गए। प्रधान राजपाल ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ईई की जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
योजना में काम कम, घोटाला अधिक
केंद्र पोषित बाढ़ नियंत्रण योजना के तहत गंगा नदी तथा सोलानी नदी पर तटबंध निर्माण योजना में काम कम और घोटाला अधिक हुआ है। रघुनाथपुर से बालावाली योजना में तो हुई जांच में ही किसानों को फसल कर तथा मुआवजा देने के नाम पर ही लाखों का घपला उजागर हो चुका है। सोलानी नदी पर मोहम्मदपुर खादर से याहियापुर तक की योजना में भी बड़ा घोटाला हुआ है। प्रधान राजपाल का कहना है कि तीन साल पहले किसानों की अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। जिनकी जमीन पर तटबंध बना है उनके लिए विभाग के पास पैसा नहीं है। प्रधान का कहना कि ग्राम अब्दीपुर और याहियापुर के 30 किसानों का लगभग 28 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ग्राम हस्तमौली, आलमपुर, मदारपुर के किसानों का मुआवजा भी लटका हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें भटकना पड़ रहा है।
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अप्रैल में कर देंगे मुआवजे का भुगतान
अभद्रता करने का आरोप बेबुनियाद है। सही तो यह कि उन्होंने दफ्तर में आकर अभद्रता की है। किसानों के मुआवजे के बिल व एमबी तैयार कराकर पास कर दिया है। किसानों को बता दिया था कि पैसा लाने का प्रयास किया जा रहा है। पैसा आते ही भुगतान कर दिया जाएगा। वर्ष 2016 से केंद्रपोषित योजना का पैसा नहीं मिला है। अप्रैल में केंद्र से पैसा मिलने की उम्मीद है। - आरके तिवारी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड हरिद्वार
हरिद्वार।
सोलानी नदी पर मोहम्मदपुर खादर से याहियापुर तक तटबंध निर्माण योजना में सिंचाई खंड हरिद्वार की ओर से किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा नहीं देने से किसानों को अधिकारियों के पास भटकना पड़ रहा है। यही नहीं तीन साल में किसानों को फसल तक का भुगतान तक नहीं मिला।
ग्राम अब्दीपुर और याहियापुर के किसानों की शिकायत है कि मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर वह चार दिन पहले डीएम से मिले थे। तब सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता आरके तिवारी भी वहां उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने उन्हें किसानों का भुगतान तुरंत करने के निर्देश दिए थे। तब अधिशासी अभियंता ने दो दिन में भुगतान कराने का आश्वासन देकर सोमवार को चेक लेने के लिए बुलाया था। ग्राम प्रधान राजपाल ने बताया कि सोमवार को उसके साथ मांगेराम बरकत, विक्रम, मन्नू व खड़क सिंह भूमि मुआवजा के चेक लेने अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे, लेकिन कई घंटे तक उन्हें मिलने ही नहीं दिया गया। वायदे के मुताबिक मुआवजे के चेक देने का अनुरोध करने पर रवह भड़क गए। प्रधान राजपाल ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ईई की जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
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योजना में काम कम, घोटाला अधिक
केंद्र पोषित बाढ़ नियंत्रण योजना के तहत गंगा नदी तथा सोलानी नदी पर तटबंध निर्माण योजना में काम कम और घोटाला अधिक हुआ है। रघुनाथपुर से बालावाली योजना में तो हुई जांच में ही किसानों को फसल कर तथा मुआवजा देने के नाम पर ही लाखों का घपला उजागर हो चुका है। सोलानी नदी पर मोहम्मदपुर खादर से याहियापुर तक की योजना में भी बड़ा घोटाला हुआ है। प्रधान राजपाल का कहना है कि तीन साल पहले किसानों की अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। जिनकी जमीन पर तटबंध बना है उनके लिए विभाग के पास पैसा नहीं है। प्रधान का कहना कि ग्राम अब्दीपुर और याहियापुर के 30 किसानों का लगभग 28 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ग्राम हस्तमौली, आलमपुर, मदारपुर के किसानों का मुआवजा भी लटका हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें भटकना पड़ रहा है।
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अप्रैल में कर देंगे मुआवजे का भुगतान
अभद्रता करने का आरोप बेबुनियाद है। सही तो यह कि उन्होंने दफ्तर में आकर अभद्रता की है। किसानों के मुआवजे के बिल व एमबी तैयार कराकर पास कर दिया है। किसानों को बता दिया था कि पैसा लाने का प्रयास किया जा रहा है। पैसा आते ही भुगतान कर दिया जाएगा। वर्ष 2016 से केंद्रपोषित योजना का पैसा नहीं मिला है। अप्रैल में केंद्र से पैसा मिलने की उम्मीद है। - आरके तिवारी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड हरिद्वार