फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   मानव - वन्य जीव संघर्षो की बढ़ती घटनाओं से केंद्र सरकार चिंतित -

मानव - वन्य जीव संघर्षो की बढ़ती घटनाओं से केंद्र सरकार चिंतित -

Mon, 05 Feb 2018 11:04 PM IST
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
मानव - वन्य जीव संघर्षो की बढ़ती घटनाओं से केंद्र सरकार चिंतित -

विज्ञापन

अरविंद सिंह
हरिद्वार।
उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क और जिम कार्बेट नेशनल पार्क सहित देश के अन्य वन्य जीव पार्कों में वन्य जीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष ने केंद्र सरकार की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। यही वजह है कि केंद्र सरकार इसे रोकने के लिए स्थायी समाधान ढूंढना चाहती है। इसे लेकर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने उत्तराखंड, यूपी, मध्य प्रदेश, ओड़ीसा समेत देश के अन्य नेशनल पार्कों के निदेशकों और अफसरों की दिल्ली में बैठक बुलाई है।
वाइल्ड लाइफ कंर्वेशन सोसायटी की रिपोर्ट के मुताबिक 2001 से लेकर 2010 के बीच उत्तराखंड में जंगली जीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की 550 घटनाएं हुई। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में वर्ष 2000 से 2015 के बीच लेपर्ड के हमले से 235 लोगों को जान गंवानी पड़ी, जबकि 375 लोग घायल हुए। वहंीं हाथियों के हमलों में 68 लोगों की जान गई और 65 लोग घायल हुए। खतरनाक जीवों में शामिल चीते ने इन दोनों के मुकाबले कम लोगों पर हमला किया है। आंकड़ों के मुताबिक चीतों के हमलों से 16 लोगों की जान गई, जबकि 23 लोग घायल हुए। इसके साथ ही राज्य के पर्वतीय इलाकों में भालू भी 18 लोगों की जान ले चुका है जबकि 388 लोग घायल हुए। वन्य जीव और इंसानों के बीच हुए संघर्ष के ये वो आंकड़े हैं जो दस्तावेजों में दर्ज है। इसके अलावा कुछ मौतें ऐसी भी हैं जिसकी जानकारी विभागीय अफसरों तक नही पहुंच पायी। यह आंकड़ा तो महज उत्तराखंड का है। वन्य जीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष से चिंतित सरकार अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की योजना बना रही है। जिसके लिए देश के वन्य जीव पार्कों के अफसरों केा दिल्ली बुलाया गया है।
विज्ञापन

राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि इस संबंध में दिल्ली में बुलाई गई बैठक में वन्य जीवों के हमलों को रोकने के ेलिए कारगर कदम उठाने पर चर्चा की जाएगी। पार्क निदेशक सनातन भी मानते हैं कि वन्य जीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं। बकौल निदेशक सनातन संघर्ष की घटनाओं का सबसे बड़ा कारण इंसानों का वन्य जीवों के क्षेत्र में बढ़ता हस्तक्षेप है। पार्कों के आसपास जिस तरीके से मानवीय गतिविधियां बढ़ी हैं उससे संघर्ष की घटनाएं बढना लाजिमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि राजाजी नेशनल पार्क पिछले दिनों उस समय सुर्खियों में आ गया था जब एक हाथी ने दो लोगों को सड़क पर पटककर मार डाला था। इसके अलावा पूरे साल भर वन्य जीवों और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed