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धरातल पर उतरने लगा पीएम मोदी का महाविजन
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:52 PM IST
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धरातल पर उतरने लगा मोदी विजन
अब गंगा नदी की नीलधारा में भी श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
दिसंबर तक पूरा होगा नमामि गंगे का रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे अब धरातल पर उतरने लगी है। महाधार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुजन अब गंगा नदी की नीलधारा में भी पवित्र डुबकी लगा सकेंगे। नमामि गंगे मिशन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नीलधारा में 700 मीटर लंबा स्नानघाट बनाया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक का दावा है कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का यह प्रोजेक्ट दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बनने से हरकी पैड़ी के गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव कम होगा और प्रशासन को भी व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही धर्मनगरी में वर्षभर में पड़ने वाले विभिन्न स्नान पर्वों पर गंगा में डुबकी लगाने आने वाले लाखों श्रद्धालु तथा कांवड़ जल लेने आने वाले शिवभक्त कांवड़िए भी नीलधारा में पवित्र स्नान कर सकेंगे।
समय- समय पर सरकार मेला क्षेत्र के विस्तार की बात कहती रही है। अब केंद्र सरकार नमामि गंगे मिशन में गंगा नदी के नीलधारा द्वीप (चंडीघाट) में स्नान घाट बनाने का काम करा रही है। नीलाधारा में स्नानघाट बनने के बाद अन्य धार्मिक कर्मकांड भी वहां होने लगेंगे। नमामि गंगे के रिवर फ्रंट डेवलपमेंट मिशन में 700 मीटर लंबे स्नानघाट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए टॉयलेट ब्लाक, चेंजिंग रूम, छतरी, वाटर टैंक, सीवर शोधन संयंत्र(एसटीपी) वाहन पार्किंग आदि सुविधाओं को विकास किया जाना है। इसके साथ ही चंडीघाट में 200 मीटर लंबे मोक्ष दाहघाट का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके साथ ही शोक सभागार, लकड़ी का भंडारगृह का भी निर्माण योजना में डिजाइन किया गया है।
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50.36 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट
नमामि गंगे का रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की नीलधारा (चंडीघाट) का पूरा प्रोजेक्ट 50 करोड़ 36 लाख रुपये है। इस पर मार्च 2017 से काम शुरू हुआ था और सितंबर 2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि हम इस प्रोजेक्ट को इसी साल दिसंबर में पूरा कराने जा रहे हैं। स्नान घाट तथा मोक्षदाह घाट के निर्माण के साथ ही ग्रीनबेल्ट का भी विकास किया जाएगा। दोनों घाटों पर वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- अमित शर्मा परियोजना प्रबंधक वॉप्कोस लि. हरिद्वार
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धरातल पर उतरने लगा मोदी विजन
अब गंगा नदी की नीलधारा में भी श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
दिसंबर तक पूरा होगा नमामि गंगे का रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे अब धरातल पर उतरने लगी है। महाधार्मिक आयोजनों में भाग लेने के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुजन अब गंगा नदी की नीलधारा में भी पवित्र डुबकी लगा सकेंगे। नमामि गंगे मिशन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नीलधारा में 700 मीटर लंबा स्नानघाट बनाया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक का दावा है कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का यह प्रोजेक्ट दिसंबर में पूरा हो जाएगा। इसके बनने से हरकी पैड़ी के गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ का दबाव कम होगा और प्रशासन को भी व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही धर्मनगरी में वर्षभर में पड़ने वाले विभिन्न स्नान पर्वों पर गंगा में डुबकी लगाने आने वाले लाखों श्रद्धालु तथा कांवड़ जल लेने आने वाले शिवभक्त कांवड़िए भी नीलधारा में पवित्र स्नान कर सकेंगे।
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समय- समय पर सरकार मेला क्षेत्र के विस्तार की बात कहती रही है। अब केंद्र सरकार नमामि गंगे मिशन में गंगा नदी के नीलधारा द्वीप (चंडीघाट) में स्नान घाट बनाने का काम करा रही है। नीलाधारा में स्नानघाट बनने के बाद अन्य धार्मिक कर्मकांड भी वहां होने लगेंगे। नमामि गंगे के रिवर फ्रंट डेवलपमेंट मिशन में 700 मीटर लंबे स्नानघाट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए टॉयलेट ब्लाक, चेंजिंग रूम, छतरी, वाटर टैंक, सीवर शोधन संयंत्र(एसटीपी) वाहन पार्किंग आदि सुविधाओं को विकास किया जाना है। इसके साथ ही चंडीघाट में 200 मीटर लंबे मोक्ष दाहघाट का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके साथ ही शोक सभागार, लकड़ी का भंडारगृह का भी निर्माण योजना में डिजाइन किया गया है।
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50.36 करोड़ का है पूरा प्रोजेक्ट
नमामि गंगे का रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की नीलधारा (चंडीघाट) का पूरा प्रोजेक्ट 50 करोड़ 36 लाख रुपये है। इस पर मार्च 2017 से काम शुरू हुआ था और सितंबर 2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि हम इस प्रोजेक्ट को इसी साल दिसंबर में पूरा कराने जा रहे हैं। स्नान घाट तथा मोक्षदाह घाट के निर्माण के साथ ही ग्रीनबेल्ट का भी विकास किया जाएगा। दोनों घाटों पर वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- अमित शर्मा परियोजना प्रबंधक वॉप्कोस लि. हरिद्वार