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बुद्घ प्रतिमा तोड़ जाने के विरोध में सड़कों पर उतरा दलित समाज
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:04 AM IST
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हरिद्वार । प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान रोडी बेलवाला पार्क में बनाए गए बौद्ध विहार और वहां लगी भगवान बुद्घ की प्रतिमा को तोड़ने के विरोध में शुक्रवार को दलित एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
भगतसिंह चौक के पास एकत्र हुए कार्यकर्ता मार्च निकालते हुए देवपुरा चौक तक पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने बुद्ध प्रतिमा तोड़ने के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मंच के महामंत्री तीर्थपाल रवि ने बताया कि रोड़ीबेलवाला में गौतम बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा स्थापित थी। बौद्ध विहार और तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा जिले के बौद्ध और दलितों की आस्था की केंद्र है। जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल व सीपी सिंह ने बताया कि दो सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बौद्ध विहार और बौद्ध प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन और नगर निगम दोबारा से बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करे। संदीप गौड़ और डा. दिनेश पुंडीर ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर बौद्ध विहार व बुद्ध प्रतिमा को तोड़कर प्रशासन ने दलित समाज की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। इस दौरान बालेश्वर सिंह, सुशील कुमार, भानपाल सिंह रवि, शिवपाल सिंह, मनोज जाटव, राजकुमार, गौतम असवाज, ब्रजपाल, अशोक कुमार आदि शामिल रहे।
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भगतसिंह चौक के पास एकत्र हुए कार्यकर्ता मार्च निकालते हुए देवपुरा चौक तक पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने बुद्ध प्रतिमा तोड़ने के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मंच के महामंत्री तीर्थपाल रवि ने बताया कि रोड़ीबेलवाला में गौतम बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा स्थापित थी। बौद्ध विहार और तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा जिले के बौद्ध और दलितों की आस्था की केंद्र है। जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल व सीपी सिंह ने बताया कि दो सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बौद्ध विहार और बौद्ध प्रतिमा को भी तोड़ दिया गया। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन और नगर निगम दोबारा से बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करे। संदीप गौड़ और डा. दिनेश पुंडीर ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर बौद्ध विहार व बुद्ध प्रतिमा को तोड़कर प्रशासन ने दलित समाज की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। इस दौरान बालेश्वर सिंह, सुशील कुमार, भानपाल सिंह रवि, शिवपाल सिंह, मनोज जाटव, राजकुमार, गौतम असवाज, ब्रजपाल, अशोक कुमार आदि शामिल रहे।
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