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सानंद करते रहे उमा भारती का इंतजार
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:12 PM IST
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हरिद्वार। गंगा को प्रदूषणमुक्त करने के लिए अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ डा. जीडी अग्रवाल रक्षाबंधन पर अपनी मुंहबोली बहन केंद्रीय मंत्री उमा भारती की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन न उमा भारती आई और न ही उनका फोन। वहीं स्वामी सानंद का अनशन रविवार को 66वें दिन भी जारी रहा।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपना भाई मानती हैं। वह हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी बांधती है। बीते दिनों उमा भारती मातृसदन में स्वामी सानंद से अनशन तोड़ने के लिए वार्ता करने आई थी। तब सानंद ने अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मेल कर रक्षाबंधन पर आने के लिए कहा। स्वामी सानंद ने उनसे कहा था कि अगर वह रक्षाबंधन तक जिंदा रहे तो वह रक्षाबंधन पर उमा भारती की प्रतीक्षा करेंगे। स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने बताया कि उन्होंने उमा भारती को रक्षाबंधन पर मातृसदन आने के लिए कहा था लेकिन हो सकता है व्यस्तताओं या किसी अन्य कारणों से वह ना आ पाई हों।
वहीं, गंगा के लिए 66वे दिन भी स्वामी सानंद का अनशन जारी रहा। कई दिनों से उनका वजन 48 किलो ही है, लेकिन एम्स से वापस आने के बाद अभी तक कोई भी सरकारी डाक्टर उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए नहीं आया है।
स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद को केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपना भाई मानती हैं। वह हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी बांधती है। बीते दिनों उमा भारती मातृसदन में स्वामी सानंद से अनशन तोड़ने के लिए वार्ता करने आई थी। तब सानंद ने अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मेल कर रक्षाबंधन पर आने के लिए कहा। स्वामी सानंद ने उनसे कहा था कि अगर वह रक्षाबंधन तक जिंदा रहे तो वह रक्षाबंधन पर उमा भारती की प्रतीक्षा करेंगे। स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद ने बताया कि उन्होंने उमा भारती को रक्षाबंधन पर मातृसदन आने के लिए कहा था लेकिन हो सकता है व्यस्तताओं या किसी अन्य कारणों से वह ना आ पाई हों।
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वहीं, गंगा के लिए 66वे दिन भी स्वामी सानंद का अनशन जारी रहा। कई दिनों से उनका वजन 48 किलो ही है, लेकिन एम्स से वापस आने के बाद अभी तक कोई भी सरकारी डाक्टर उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए नहीं आया है।
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