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कोई भी धर्म हिंसा को न तो चाहता है, ना मानता
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर के सभी जैन मंदिरों में 24वें तीर्थांकर भगवान महावीर का 2626वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। जगह-जगह पर प्रभात फेरियां निकाली गई। मंदिरों में प्रात:काल से ही श्रद्धालुओं की ओर से पूजा-अर्चना, भक्ति-संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम विधान स्थापना, अभिषेक, महाआरती आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भेल सेक्टर-4 स्थित श्री वर्धमान जैन मंदिर में हुआ। वर्धमान श्री जैन परिषद के संरक्षक पवन कुमार ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम प्रारंभ किया। उपनगरी में अनेक बैंड बाजों तथा झांकियों से सुसज्जित 31वां स्वर्णिम गजरथ शोभा यात्रा महोत्सव का आयोजन किया। बाद में भगवान महावीर का पांडुक शिला पर 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। शांतिधारा, महाआरती एवं पालने के साथ ही कार्यक्रम संपन्न हुआ। शोभायात्रा का अनेक स्थानों पर स्वागत किया। इससे पहले जैन समुदाय को परिषद के मंत्री आदेश जैन ने वर्तमान जैन परिषद भेल की ओर से श्री मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। दिनेश चंदा ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा का केवल शब्दों, नारों तके ही सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने जीवन में उसे आत्मसात कर वे नर से नारायण बन गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भगवान महावीर के अहिंसा रूपी सिद्धांत का पालन कर भारत को अंग्रेजी दासता से मुक्ति दिलाई। विश्व का कोई भी धर्म हिंसा को न तो चाहता है, ना मानता है। गरीब असहाय, निर्धन परिवारों को भोजन खिलाना पुण्य का कार्य है। इस अवसर पर दीपक जैन, पीके जैन, संदीप जैन, मनोज जैन, अजीत जैन, हिमांशु जैन, संदीप जहैन, सतीश कुमार, रूचिन जैन, नीतेश जैन, अविनेंद्र जैन, विवेक जैन, समर्थ जैन, अभिषेक जैन, केशवदास जैन, विपिन जैन, बालेश जैन, पीयूष जैन, ओमकार जैन, अशोक कुमार जैन, हंस कुमार जैन, रवि जैन, विनय पोद्दार, राकेश जैन, एके जैन, राजकुमार जैन, देवेंद्र जैन, पंकज जैन, विमल जैन, हंसकुमार जैन, अंशुल जैन, वकीलचंद जैन, आदेश जैन राजेंद्र जैन, गोपाल जैन आदि हजारों धर्मानुयायी सम्मिलित हुए।
हरिद्वार।
नगर के सभी जैन मंदिरों में 24वें तीर्थांकर भगवान महावीर का 2626वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। जगह-जगह पर प्रभात फेरियां निकाली गई। मंदिरों में प्रात:काल से ही श्रद्धालुओं की ओर से पूजा-अर्चना, भक्ति-संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम विधान स्थापना, अभिषेक, महाआरती आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भेल सेक्टर-4 स्थित श्री वर्धमान जैन मंदिर में हुआ। वर्धमान श्री जैन परिषद के संरक्षक पवन कुमार ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम प्रारंभ किया। उपनगरी में अनेक बैंड बाजों तथा झांकियों से सुसज्जित 31वां स्वर्णिम गजरथ शोभा यात्रा महोत्सव का आयोजन किया। बाद में भगवान महावीर का पांडुक शिला पर 1008 कलशों से अभिषेक किया गया। शांतिधारा, महाआरती एवं पालने के साथ ही कार्यक्रम संपन्न हुआ। शोभायात्रा का अनेक स्थानों पर स्वागत किया। इससे पहले जैन समुदाय को परिषद के मंत्री आदेश जैन ने वर्तमान जैन परिषद भेल की ओर से श्री मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। दिनेश चंदा ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा का केवल शब्दों, नारों तके ही सीमित नहीं रखा, बल्कि अपने जीवन में उसे आत्मसात कर वे नर से नारायण बन गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भगवान महावीर के अहिंसा रूपी सिद्धांत का पालन कर भारत को अंग्रेजी दासता से मुक्ति दिलाई। विश्व का कोई भी धर्म हिंसा को न तो चाहता है, ना मानता है। गरीब असहाय, निर्धन परिवारों को भोजन खिलाना पुण्य का कार्य है। इस अवसर पर दीपक जैन, पीके जैन, संदीप जैन, मनोज जैन, अजीत जैन, हिमांशु जैन, संदीप जहैन, सतीश कुमार, रूचिन जैन, नीतेश जैन, अविनेंद्र जैन, विवेक जैन, समर्थ जैन, अभिषेक जैन, केशवदास जैन, विपिन जैन, बालेश जैन, पीयूष जैन, ओमकार जैन, अशोक कुमार जैन, हंस कुमार जैन, रवि जैन, विनय पोद्दार, राकेश जैन, एके जैन, राजकुमार जैन, देवेंद्र जैन, पंकज जैन, विमल जैन, हंसकुमार जैन, अंशुल जैन, वकीलचंद जैन, आदेश जैन राजेंद्र जैन, गोपाल जैन आदि हजारों धर्मानुयायी सम्मिलित हुए।
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