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विधानसभा सत् के दौरान नहीं हो सकती बोर्ड बैठक
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
नगर निगम बोर्ड की बैठक नहीं होने से नवगठित बोर्ड का एजेंडा सामने नहीं आ पा रहा है। पहले लोकसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद बोर्ड का अधिवेशन बुलाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही राज्य विधानसभा का सत्र प्रारंभ हो गया है। नियमानुसार विधानसभा सत्र के चलते बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा सकती है। यह बात भाजपा पार्षदों को भी मालूम है, लेकिन कांग्रेस महापौर के एकतरफा विरोध के एजेंडे पर चलते हुए बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग की जा रही है।
बोर्ड गठन को लगभग तीन महीने का समय हो चुका है, लेकिन बोर्ड की विधिवत बैठक नहीं हो पाई है। भाजपा व कांग्रेस ने आपसी सहमति से बोर्ड की महत्वपूर्ण दो कमेटियों कार्यकारिणी व विकास समिति का गठन सर्वसम्मति से कर लिया गया है। नियमानुसार बोर्ड की बैठक कब होगी, इसका निर्णय लेने का अधिकार कार्यकारिणी का है, जिसमें भाजपा का बहुमत है। महापौर से कार्यकारिणी की बैठक बुलाने की मांग करने के बजाय भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को बोर्ड बैठक बुलाने की मांग का ज्ञापन दिया है। महापौर अनीता शर्मा का कहना है कि वह खुद चाहती हैं कि बोर्ड की बैठक जल्दी से जल्दी हो जाए ताकि शहर के विकास का एजेंडा सामने लाया जा सके। नगर निगम कर्मचारियों की भी कई ज्वलंत समस्याएं हैं, जिन्हें बोर्ड के माध्यम से शासन को भेजा जाना हैै। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग आदर्श चुनाव आचार संहिता जल्दी लागू कर सकता है इसलिए कोशिश है कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद बोर्ड की बैठक हो जाए।
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नगर निगम बोर्ड की बैठक नहीं होने से नवगठित बोर्ड का एजेंडा सामने नहीं आ पा रहा है। पहले लोकसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद बोर्ड का अधिवेशन बुलाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही राज्य विधानसभा का सत्र प्रारंभ हो गया है। नियमानुसार विधानसभा सत्र के चलते बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जा सकती है। यह बात भाजपा पार्षदों को भी मालूम है, लेकिन कांग्रेस महापौर के एकतरफा विरोध के एजेंडे पर चलते हुए बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग की जा रही है।
बोर्ड गठन को लगभग तीन महीने का समय हो चुका है, लेकिन बोर्ड की विधिवत बैठक नहीं हो पाई है। भाजपा व कांग्रेस ने आपसी सहमति से बोर्ड की महत्वपूर्ण दो कमेटियों कार्यकारिणी व विकास समिति का गठन सर्वसम्मति से कर लिया गया है। नियमानुसार बोर्ड की बैठक कब होगी, इसका निर्णय लेने का अधिकार कार्यकारिणी का है, जिसमें भाजपा का बहुमत है। महापौर से कार्यकारिणी की बैठक बुलाने की मांग करने के बजाय भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को बोर्ड बैठक बुलाने की मांग का ज्ञापन दिया है। महापौर अनीता शर्मा का कहना है कि वह खुद चाहती हैं कि बोर्ड की बैठक जल्दी से जल्दी हो जाए ताकि शहर के विकास का एजेंडा सामने लाया जा सके। नगर निगम कर्मचारियों की भी कई ज्वलंत समस्याएं हैं, जिन्हें बोर्ड के माध्यम से शासन को भेजा जाना हैै। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग आदर्श चुनाव आचार संहिता जल्दी लागू कर सकता है इसलिए कोशिश है कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद बोर्ड की बैठक हो जाए।
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